
Balotra MD Drugs Seizure : बाड़मेर। रेगिस्तान में युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहे एमडी ड्रग्स के नेटवर्क पर शुक्रवार को बालोतरा जिला पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 2.200 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 2.20 करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस ने ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से अर्जित 1.25 लाख रुपए नकद भी जब्त किए हैं। कार्रवाई के दौरान पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी फरार हो गया। मामले में तीन जनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
बालोतरा पुलिस अधीक्षक रमेश कुमार ने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन विभंजन' के तहत जिला पुलिस, डीएसटी बालोतरा और धोरीमन्ना थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। लंबे समय से एमडी ड्रग्स के अवैध कारोबार की शिकायतें मिलने पर पुलिस ने करीब एक माह तक गुप्त निगरानी रखी और तकनीकी विश्लेषण के साथ मुखबिर तंत्र की मदद से पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चैनाराम (47) और उसके पुत्र हनुमानराम (25) निवासी मायलों की बेरी, खारी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं मुख्य आरोपी बताए जा रहे अनिल की तलाश जारी है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
गुरुवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी आबादी से दूर रेतीले धोरों के बीच स्थित अपनी ढाणी में भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स छिपाकर रखे हुए हैं। पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर ढाणी की चारों ओर से घेराबंदी की। वाहन आगे नहीं जा सके, इसलिए पुलिसकर्मियों ने करीब चार किलोमीटर तक रेतीले धोरों में पैदल मार्च कर दबिश दी, ताकि आरोपी भाग नहीं सकें।
तलाशी के दौरान मकान के एक कमरे से 11 अलग-अलग थैलियों में पैक कुल 2.200 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मादक पदार्थ आगे सप्लाई के लिए छोटे-छोटे पैकेटों में तैयार कर रखा गया था। मौके से 1 लाख 25 हजार रुपए नकद भी बरामद हुए, जिसे पुलिस ड्रग्स कारोबार की कमाई मान रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि एमडी ड्रग्स कहां से लाई गई, किन क्षेत्रों में इसकी सप्लाई की जाती थी, आर्थिक लेन-देन कैसे होता था और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी आबादी से दूर स्थित ढाणी को सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करते थे और यहीं से जरूरत के अनुसार ड्रग्स की सप्लाई करते थे।
धोरीमन्ना थाना क्षेत्र में इससे पहले भी पुलिस एमडी ड्रग्स, ड्रग्स बनाने में प्रयुक्त केमिकल और अवैध फैक्ट्री के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।