
Barmer-Jaisalmer Bulldozer Action: राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर-जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के समीपवर्ती क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की गई। केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के बाद जिला प्रशासन और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए बड़े पैमाने पर बुलडोजर अभियान चलाया गया।
बता दें कि इस कार्रवाई के तहत सेड़वा, चौहटन, रामसर और गडरारोड जैसे संवेदनशील इलाकों में सैकड़ों मकानों, दुकानों, कृषि भूमि पर बिना अनुमति बने ढांचों और कई धार्मिक स्थलों को जमींदोज कर दिया गया है। जहां एक तरफ प्रशासन इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अनिवार्य कदम बता रहा है। वहीं दूसरी तरफ स्थानीय जनता और विपक्षी दलों ने इसे 'नफरत की राजनीति' से प्रेरित और पूरी तरह असंवैधानिक करार दिया है।
प्रशासन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सीमा के 50 किलोमीटर के दायरे में कानूनन 'बाधारहित क्षेत्र' का होना आवश्यक है। ताकि सघन चेकिंग और पेट्रोलिंग सुचारू रूप से की जा सके। इस दायरे में बिना अनुमति के कृषि भूमि का डायवर्जन कर आवासीय या व्यावसायिक निर्माण करने पर पूरी तरह रोक है।
हालिया कार्रवाई के दायरे में 12 सोलर प्लांट प्रोजेक्ट भी आए हैं, जिनकी वैधानिकता की जांच की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि कार्रवाई से पूर्व 11 जून को ही नियमानुसार नोटिस दिए गए थे और 18 जून तक का समय दिया गया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
बाड़मेर में चले बुलडोजर अभियान को लेकर उत्तर प्रदेश के कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र और राज्य सरकारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने देश में बढ़ती बुलडोजर संस्कृति को न्यायपालिका और संविधान के अस्तित्व के लिए सीधा खतरा बताया है।
सांसद इकरा हसन ने कहा, इस तरह की कार्रवाई की शुरुआत उत्तर प्रदेश से ही शुरू हुई थी और अब इस प्रथा को आगे बढ़ाया जा रहा है। नफरत की जो राजनीति बोई जा रही है, उसके तहत ये एक्शन हो रहे हैं। सांसद ने कहा, यह कार्रवाई गैर-कांस्टीट्यूशनल है, कांस्टीट्यूशन में इन चीजों की कोई जगह नहीं है। हम सबको सुनवाई का मौका दिया गया है कानून के हिसाब से, संविधान के हिसाब से लेकिन सरकारें जो हैं, आज तानाशाही पर उतर आई हैं।