
बाड़मेर। जिले के शिव क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-68 पर मंगलवार शाम एक ही जगह कुछ मिनट के अंतराल में दो हादसे हो गए। गूंगा सरहद स्थित पेट्रोल पंप के पास पहले एक लोडिंग वाहन की टक्कर से 'नंदी' की मौत हो गई। हादसे के बाद मृत नंदी हाईवे पर ही पड़ा रहा। कुछ ही देर बाद इसी मृत पशु से एक एंबुलेंस टकरा गई और अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में एंबुलेंस सवार दो लोग घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को दिन अस्त होने के कुछ समय बाद गूंगा सरहद के पास एनएच-68 पर एक लोडिंग वाहन की नंदी बैल से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बैल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं लोडिंग वाहन का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मृत नंदी को हाईवे से नहीं हटाया जा सका और वह सड़क पर ही पड़ा रहा।
इसी दौरान कुछ समय बाद गुजरात के डीसा से जैसलमेर की ओर जा रही एक एंबुलेंस वहां से गुजर रही थी। हाईवे पर पड़े मृत बैल के कारण एंबुलेंस चालक उसे समय रहते नहीं देख पाया और वाहन उससे टकरा गया। टक्कर के बाद एंबुलेंस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे में एंबुलेंस में सवार दो लोग घायल हो गए।
घायलों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मोहनगढ़ क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति का डीसा में उपचार चल रहा था। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उसे एंबुलेंस से गांव ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे के बाद घायलों को वापस डीसा ले जाया गया।
हादसे के बाद स्थानीय वाहन चालकों ने हाईवे पेट्रोलिंग मोबाइल यूनिट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वाहन चालकों का आरोप है कि एनएच-68 पर आए दिन गोवंश, श्वान और अन्य पशु वाहनों की चपेट में आ जाते हैं। कई बार हादसों के बाद मृत पशु काफी समय तक हाईवे पर ही पड़े रहते हैं। इससे वाहन चालकों को परेशानी होती है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लोडिंग वाहन की टक्कर के बाद मृत नंदी को समय पर हाईवे से हटा दिया जाता तो संभव है कि एंबुलेंस हादसे का शिकार होने से बच जाती। एक ही स्थान पर कुछ ही समय के अंतराल में हुए इन दो हादसों ने हाईवे सुरक्षा और मृत पशुओं को तत्काल हटाने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।