
राजस्थान के बालोतरा जिले से गुजरने वाले पचपदरा-रिफाइनरी राष्ट्रीय राजमार्ग की निर्माण गुणवत्ता पहली ही मानसूनी बारिश में पूरी तरह से बेनकाब हो गई है। पिछले 3 दिनों से क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते पचपदरा से रिफाइनरी की ओर जाने वाले इस नवनिर्मित हाईवे पर जगह-जगह डामर की सड़क में लंबी-लंबी दरारें उभर आई हैं। इतना ही नहीं, सड़क के किनारों को मजबूती देने के लिए बनाए गए साइड शोल्डर में भरी गई मिट्टी पानी के तेज बहाव में बह गई, जिससे कई स्थानों पर सड़क किनारे लगाए गए कंक्रीट के पिलर हवा में लटक गए हैं।
सहारा होटल से पहले बने पुलिया के पास सड़क धंसने से हादसों का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन और निर्माण एजेंसी ने एहतियातन ओवरब्रिज तक के एक तरफा मार्ग को बैरियर लगाकर पूरी तरह बंद कर दिया है।
स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने हाईवे निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह संपन्न भी नहीं हुआ है और 1 साल के भीतर ही इसकी डामर उधड़ रही है।
सड़क के किनारों को जो पर्याप्त मजबूती दी जानी चाहिए थी, वह नहीं दी गई, जिसके चलते हल्की बारिश में ही मिट्टी बह गई और पूरी सड़क का आधार कमजोर हो गया।
स्थानीय नागरिक ओम सिंह राजपुरोहित ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि तुरंत प्रभाव से तकनीकी सुधार और वैज्ञानिक तरीके से रिपेयरिंग नहीं की गई, तो आगामी दिनों में होने वाली भारी बारिश से यह हाईवे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकता है और रिफाइनरी की ओर होने वाली भारी वाहनों की आवाजाही ठप पड़ सकती है।
सड़क धंसने और गहरे गड्ढे/दरारें पड़ने से शनिवार को मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। सहारा होटल से लेकर ओवरब्रिज तक पचपदरा शहर की ओर आने वाली मुख्य लेन को पुलिस और निर्माण एजेंसी ने बैरियर लगाकर ब्लॉक कर दिया है ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।
शनिवार को मौके पर जेसीबी और निर्माण दल भेजकर डैमेज हुई सड़क की रिपेयरिंग और बही हुई मिट्टी की जगह दोबारा भराव का काम शुरू किया गया। यह हाईवे पचपदरा रिफाइनरी के लिए रीढ़ की हड्डी माना जाता है, जहां से रोज सैकड़ों भारी वाहन और अधिकारी गुजरते हैं। ऐसे में निर्माण की यह खस्ताहाली प्रशासनिक निगरानी पर भी बड़े सवाल खड़े कर रही है।