Pachpadra Refinery Inauguration: राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा आज पचपदरा रिफाइनरी पहुंचकर 21 अप्रेल को होने वाले लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लेंगे। इस कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे।
CM Bhajanlal Sharma Visit Pachpadra Refinery: बालोतरा: राजस्थान के औद्योगिक और आर्थिक इतिहास में 21 अप्रेल 2026 का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थित देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा।
बता दें कि इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज रिफाइनरी परिसर का दौरा करेंगे।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार दोपहर पचपदरा रिफाइनरी पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
मुख्यमंत्री न केवल रिफाइनरी की प्रगति की समीक्षा करेंगे, बल्कि प्रधानमंत्री की प्रस्तावित जनसभा के स्थल, हेलीपैड और सुरक्षा प्रोटोकॉल का भी बारीकी से निरीक्षण करेंगे। मुख्य सचिव और DGP इस सिलसिले में पहले ही जोधपुर पहुंच चुके हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का राजस्थान से विशेष लगाव इस बात से झलकता है कि पिछले दो महीनों में यह उनका दूसरा बड़ा दौरा है। इससे पहले 28 फरवरी 2026 को पीएम अजमेर आए थे, जहां उन्होंने 16,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण प्रदेश के लिए 'गेम-चेंजर' माना जा रहा है।
पचपदरा रिफाइनरी की यात्रा लंबी और उतार-चढ़ाव भरी रही है। प्रथम शिलान्यास (2013) में तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 37,230 करोड़ की अनुमानित लागत के साथ इसकी नींव रखी थी। द्वितीय शुभारंभ (2018) में सत्ता परिवर्तन के बाद पीएम मोदी ने 16 जनवरी 2018 को संशोधित शर्तों के साथ कार्य शुरू किया, तब लागत 43,129 करोड़ थी।
कोविड और अन्य तकनीकी कारणों से इसकी लागत बढ़ती गई। जून 2023 में यह 72,937 करोड़ पहुंची और जुलाई 2025 में भजनलाल सरकार के समय हुए द्वितीय संशोधन के बाद अब इसकी कुल लागत 79,459 करोड़ रुपए हो गई है।
यह रिफाइनरी (HPCL और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम) न केवल राजस्थान, बल्कि देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी है। यहां उत्पादित ईंधन अंतरराष्ट्रीय स्तर के उत्सर्जन मानकों को पूरा करेगा। यह परियोजना पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल है।
क्रूड ऑयल रिफाइनिंग के दौरान एक बूंद भी तरल कचरा बाहर नहीं जाएगा। इसकी सालाना रिफाइनिंग क्षमता 9 मिलियन टन है, जिसमें अरब देशों से आने वाले 7.5 मिलियन टन कच्चे तेल के साथ प्रदेश के तेल का भी उपयोग होगा।
रिफाइनरी के साथ-साथ बुनियादी ढांचे का भी विकास किया जा रहा है। माल ढुलाई को सुगम बनाने के लिए बालोतरा से रिफाइनरी साइट तक 12 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही है।
इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योगों की बाढ़ आ जाएगी। 21 अप्रेल को होने वाला यह लोकार्पण समारोह न केवल ऊर्जा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को दर्शाएगा, बल्कि थार के रेगिस्तान में समृद्धि का नया सवेरा भी लेकर आएगा।