बाड़मेर

Pachpadra Refinery Fire Incident : पचपदरा SHO अचलाराम ढाका के सस्पेंशन पर बड़ा अपडेट, बालोतरा पुलिस ने किया ये ‘खुलासा’!

पचपदरा एसएचओ अचलाराम ढाका के निलंबन को लेकर मचे बवाल के बीच बालोतरा पुलिस ने आधिकारिक प्रेस नोट जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक नैरेटिव गढ़ने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Apr 25, 2026
SHO Achla Ram Dhaka - File PIC
SHO Achla Ram Dhaka - File PIC

राजस्थान के पचपदरा रिफाइनरी अग्निकांड के बाद 'रील्स' के चक्कर में सस्पेंड हुए थानाधिकारी अचलाराम ढाका का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। इस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे जातिगत नैरेटिव और भ्रामक खबरों पर विराम लगाने के लिए खुद बालोतरा पुलिस को मैदान में उतरना पड़ा है।

बालोतरा एसपी रमेश (IPS) ने एक विस्तृत प्रेस नोट जारी कर उन तमाम चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया है जो इस निलंबन को किसी समाज विशेष या रिफाइनरी की आग से जोड़कर देख रही थीं।

पुलिस की दो टूक: 'यह घोर लापरवाही का मामला है'

बालोतरा पुलिस द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि अचलाराम ढाका का निलंबन पूरी तरह से एक प्रशासनिक और अनुशासनात्मक प्रक्रिया है।

  • सुरक्षा में सेंध का सच: प्रेस नोट के अनुसार, तत्कालीन थानाधिकारी को पीएम के प्रस्तावित दौरे के दौरान वीवीआईपी मंच और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा का जिम्मा दिया गया था।
  • अनाधिकृत भाषण और वीडियो: सुरक्षा घेरे के बावजूद कुछ बाहरी व्यक्तियों का मंच पर चढ़ना, वहां वीडियो बनाकर उसे वायरल करना 'सिक्योरिटी प्रोटोकॉल' का सीधा उल्लंघन था। चूंकि अचलाराम सुरक्षा के प्रभारी थे, इसलिए उनकी जवाबदेही तय करते हुए उन्हें निलंबित किया गया है।
पचपदरा के निलंबित SHO अचलाराम ढाका - File PIC

'जातिगत फैक्टर' पर पुलिस का कड़ा प्रहार

एसएचओ के निलंबन के बाद सोशल मीडिया पर एक वर्ग विशेष द्वारा इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई जा रही थी। इसे लेकर पुलिस ने सख्त लहजे में कहा है:

  1. भ्रामक नैरेटिव: कुछ असामाजिक तत्व इस विभागीय कार्यवाही को जातिगत रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूर्णतः निराधार और तथ्यहीन है।
  2. कानूनी शिकंजा: मंच पर अनधिकृत प्रवेश करने वालों के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है।
  3. जसोल थाने में केस दर्ज: रिफाइनरी अग्निकांड को लेकर भ्रामक वीडियो फैलाकर लोक-शांति भंग करने के प्रयास में थाना जसोल में अलग से प्रकरण दर्ज किया गया है।


'निलंबन एकतरफा', पुनर्विचार की अपील

साइबर पेट्रोलिंग: अफवाह फैलाई तो होगी जेल

बालोतरा पुलिस अब उन लोगों पर कड़ी नजर रख रही है जो इस मामले को लेकर गलत सूचनाएं साझा कर रहे हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि साइबर सेल लगातार सोशल मीडिया की निगरानी कर रही है। किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करना भारी पड़ सकता है।

Published on:
25 Apr 2026 01:59 pm