बाड़मेर

Pachpadra Refinery : प्रधानमंत्री मोदी के 4 जुलाई को ‘रिफाइनरी उद्घाटन’ में फिर बदलाव! जानें अब कैसा होगा समारोह?

बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी में 4 जुलाई 2026 को पीएम नरेंद्र मोदी के उद्घाटन कार्यक्रम का बदला स्वरूप। अब 2 लाख की भारी जनसभा की बजाय सीमित परिसर में होगा संक्षिप्त आयोजन।
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Jun 26, 2026
PM Modi Pachpadra Refinery July 4 Visit Event Format Changed Balotra
PM Modi and Pachpadra Refinery - AI PIC

राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थापित महत्वाकांक्षी एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी (HRRL) के उद्घाटन समारोह की प्रशासनिक तैयारियों के बीच एक बड़ी अपडेट सामने आई है। आगामी 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होने वाले इस मेगा प्रोजेक्ट के लोकार्पण कार्यक्रम के स्वरूप को पूरी तरह से बदल दिया गया है। सूत्रों और जिला प्रशासन से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, इस बार का कार्यक्रम पहले की तरह किसी विशाल और भारी भीड़ वाली जनसभा के रूप में आयोजित नहीं किया जाएगा, बल्कि इसे रिफाइनरी परिसर के भीतर ही एक सीमित, संक्षिप्त और बेहद अनुशासित प्रोटोकॉल के तहत संपन्न कराने का निर्णय लिया गया है। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय की अनुमति के बाद समारोह को लेकर विस्तृत औपचारिक कार्यक्रम जल्द जारी किया जाएगा।

बता दें कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा सांगानेर के मंच से 4 जुलाई की तिथि घोषित किए जाने के बाद बालोतरा जिला प्रशासन और पेट्रोलियम विभाग के अधिकारी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे थे। लेकिन गुरुवार सुबह अचानक रिफाइनरी के ठीक बाहर चल रहे विशाल पंडाल और टेंट निर्माण के कार्य को ठेकेदार के निर्देश पर रोक दिया गया, जिसके बाद से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मजदूर नए प्रशासनिक निर्देशों के इंतजार में दिखाई दिए।

क्यों बदला गया कार्यक्रम का स्वरूप?

Pachpadra Refinery Fire Incident - File PIC

सूत्रों के अनुसार पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण समारोह के इस नए प्रशासनिक निर्णय के पीछे पिछले घटनाक्रम और सुरक्षा कारणों की पृष्ठभूमि जुड़ी हुई है। गौरतलब है कि इससे पहले 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री का उद्घाटन कार्यक्रम और विशाल जनसभा पूरी तरह से तय हो चुकी थी, लेकिन ठीक एक दिन पहले यानी 20 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे जनसभा स्थल से महज 800 मीटर की दूरी पर स्थित क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में अचानक भीषण आग लग गई थी। इस अप्रत्याशित हादसे के कारण सुरक्षा कारणों से प्रधानमंत्री का वह दौरा अंतिम समय में टालना पड़ा था।

इसके अतिरिक्त, वर्तमान में चल रही परिस्थितियों को देखते हुए इस बार कार्यक्रम को सीमित रखने का विधिक निर्णय लिया गया है:

भीषण गर्मी और मौसम का अलर्ट: जुलाई के महीने में पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा और बाड़मेर क्षेत्रों में पड़ने वाली कड़कती गर्मी, उमस और धूलभरी हवाओं की चुनौतियों को देखते हुए लाखों लोगों को खुले पंडाल में रोकना प्रशासनिक दृष्टिकोण से काफी जोखिम भरा माना जा रहा है।

सुरक्षा और रेड जोन प्रोटोकॉल: रिफाइनरी एक बेहद संवेदनशील और ज्वलनशील औद्योगिक क्षेत्र है। ऐसे में लाखों की भीड़ को प्लांट के बिल्कुल नजदीक लाना सुरक्षा एजेंसियों के मानकों के अनुसार उचित नहीं पाया गया।

अब 2 लाख की भीड़ नहीं, सिर्फ 5000 आमंत्रित लोग

21 अप्रैल के पुराने कार्यक्रम के लिए भाजपा सत्ता और संगठन ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, पाली, सिरोही और बीकानेर जिलों से कुल 2 से 2.5 लाख लोगों को जुटाने का एक विशाल लक्ष्य रखा था। उस समय 3 बीघा जमीन पर 3 जर्मन डोम, 35 ब्लॉक, 1 लाख कुर्सियां, 100 से अधिक लाउडस्पीकर और वीवीआईपी रोड शो के लिए पांडल के बीचों-बीच पक्की सड़क तक बना दी गई थी।

लेकिन 4 जुलाई के नए संशोधित प्लान के अनुसार:

सीमित उपस्थिति: अब रिफाइनरी के बाहर कोई आम जनसभा नहीं होगी। रिफाइनरी के आंतरिक सुरक्षित परिसर में ही मुख्य कार्यक्रम का मंच तैयार किया जाएगा, जिसमें केवल 5000 विशेष आमंत्रित कार्यकर्ताओं, स्थानीय ग्रामीणों और अधिकारियों की उपस्थिति प्रस्तावित की गई है।

रिफाइनरी के अंदर कड़ा सुरक्षा घेरा: कार्यक्रम के सीमित होने के बावजूद रिफाइनरी क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया है। सुरक्षा की कमान उच्च स्तरीय पुलिस अधिकारियों के हाथों में सौंपी गई है।

पचपदरा रिफाइनरी (फोटो- पत्रिका)

मजदूरों-कांट्रैक्टर को मिले नए प्रशासनिक निर्देश!

गुरुवार की सुबह तक पचपदरा रिफाइनरी के बाहर खाली मैदान में लाखों लोगों की बैठक व्यवस्था के लिए बड़े-बड़े लोहे के खंभे और डोम स्ट्रक्चर खड़े करने का काम तेजी से चल रहा था। लेकिन जैसे ही कार्यक्रम को संक्षिप्त रखने के निर्देश पहुंचे, निर्माण स्थल पर मौजूद कांट्रैक्टर (ठेकेदार) ने तुरंत प्रभाव से काम रोकने के आदेश जारी कर दिए।

रिफाइनरी के बाहर जनसभा के लिए टैंट लगाने का पड़ा सामान

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जनसभा स्थल पर अचानक काम बंद होने के बाद वहां काम कर रहे सैकड़ों मजदूर आगामी सरकारी गाइडलाइंस और टेंट को वापस हटाने या नए स्थान पर री-शिफ्ट करने के निर्देशों के इंतजार में पंडाल के नीचे बैठे नजर आए। अब जिला प्रशासन का पूरा फोकस रिफाइनरी के मुख्य प्रशासनिक ब्लॉक या अंदरूनी हिस्से में सुरक्षा और तकनीकी रूप से सुदृढ़ मंच तैयार करने पर टिक गया है।

Updated on:
26 Jun 2026 10:56 am
Published on:
26 Jun 2026 10:55 am