
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 4 जुलाई 2026 को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में भारत के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण करने आ रहे हैं। लेकिन उनके इस महत्वपूर्ण दौरे से ठीक पहले पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा बाड़मेर और बालोतरा जिले के लिए विशेष पूर्वानुमान जारी करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि शुक्रवार की शाम को अचानक आई तेज आंधी और बारिश के कारण पचपदरा में कार्यक्रम स्थल के आसपास लगाए गए प्रधानमंत्री के कई बड़े कट-आउट्स और स्वागत होर्डिंग्स जमीन पर गिर गए, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन और आयोजन टीम की चिंताएं बढ़ गई हैं और वे व्यवस्थाओं को दोबारा दुरुस्त करने में जुट गए हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए बालोतरा और बाड़मेर जिलों में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अवधि के दौरान थार के रेगिस्तानी इलाकों में अचानक मौसम खराब हो सकता है, जिसमें आसमान में घने बादल छाने, मेघ गर्जन, बिजली गिरने के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की पूरी संभावना है।
प्रशासन को इस बदलते मौसम के बीच वीवीआईपी (VVIP) मूवमेंट और जनसभा को देखते हुए कड़े सुरक्षा और सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री के दौरे से ठीक 24 घंटे पहले, यानी शुक्रवार की शाम को थार मरुस्थल के इस इलाके में प्रकृति का अलग रूप देखने को मिला। दिनभर की भीषण उमस और गर्मी के बाद अचानक तेज धूलभरी आंधी चली और उसके तुरंत बाद मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया।
बालोतरा और पचपदरा के रिफाइनरी क्षेत्र में इतनी तेज बरसात हुई कि मुख्य सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया। दूसरी तरफ, बाड़मेर जिला मुख्यालय और उसके आस-पास के क्षेत्रों में भी तेज आंधी के बाद हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई है।
इस अचानक आई आंधी और तेज हवाओं का सीधा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए की गई तैयारियों पर पड़ा है। पचपदरा रिफाइनरी और मुख्य जनसभा स्थल के आसपास के रास्तों पर स्वागत के लिए प्रधानमंत्री के जो बड़े-बड़े कट-आउट्स, बैनर और सरकारी योजनाओं के होर्डिंग्स लगाए गए थे, वे तेज हवा के झोंकों को बर्दाश्त नहीं कर पाए और कई जगहों पर धराशायी हो गए।
हालांकि, तुरंत बाद स्थानीय अधिकारियों और टेंट कॉन्ट्रैक्टर्स की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरे हुए स्ट्रक्चर्स को हटाकर नए सिरे से फिक्स करने का काम रात में ही शुरू कर दिया था ताकि शनिवार सुबह तक सब कुछ सामान्य किया जा सके।
थार के इलाकों में आंधी और बारिश का असर हमेशा की तरह पावर सप्लाई पर भी देखा गया। बाड़मेर शहर और बालोतरा के रिफाइनरी क्षेत्र में जैसे ही धूलभरी आंधी का वेग बढ़ा, डिस्कॉम ने सुरक्षा के लिहाज से कई ग्रिड्स की बिजली बंद कर दी।
बाड़मेर की रॉय कॉलोनी, रीको (RIICO) औद्योगिक क्षेत्र सहित कई बड़े रिहायशी इलाकों में करीब 1 से 1.5 घंटे तक बिजली पूरी तरह से गुल रही। उमस और गर्मी के बीच अचानक बिजली कटने से स्थानीय नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, हालांकि आंधी शांत होने के बाद तकनीकी टीम ने पेट्रोलिंग कर बिजली व्यवस्था को सुचारू रूप से बहाल कर दिया।
इस अचानक हुई प्री-मानसून या मानसूनी बारिश से पहले पूरा बाड़मेर और बालोतरा जिला भीषण गर्मी की चपेट में था। शुक्रवार को बाड़मेर का अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जिसके कारण आम जनजीवन बेहाल था।
मौसम विभाग ने इससे पहले इलाके के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' भी जारी किया था। इस बारिश के बाद भले ही प्रशासनिक स्तर पर चुनौतियां बढ़ी हों, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों और किसानों को भीषण उमस भरी गर्मी से काफी हद तक राहत महसूस हो रही है। अब सभी की नजरें शनिवार को होने वाले प्रधानमंत्री के मुख्य कार्यक्रम और मौसम की लुकाछिपी पर टिकी हुई हैं।