बाड़मेर

पुलिस ने 7 दिन में 5500 किमी तक किया पीछा, 6 साल से फरार अपराधी नेपाल बॉर्डर से दबोचा

पुलिस ने झारखण्ड में नेपाल बॉर्डर के पास से 50 हजार रुपए के फरारी आरोपी बाड़मेर के चौहटन थाना क्षेत्र निवासी वीरमाराम को दबोच लिया

2 min read

पुलिस ने अथक प्रयास के बाद बीते छह साल से राजस्थान में झारखण्ड से संचालित हो रहे मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ दिया। पुलिस ने झारखण्ड में नेपाल बॉर्डर के पास से 50 हजार रुपए के फरारी आरोपी बाड़मेर के चौहटन थाना क्षेत्र निवासी वीरमाराम को दबोच लिया।

पीछा करते हए उसे एक होटल से पकड़ लिया

आरोपी को पकडऩे के लिए पुलिस के पास अपराधी की 15 साल पुरानी फोटो थी। इस दौरान उसका हुलिया भी बदल गया था। वीरमाराम ने फर्जी आधार कार्ड बनाकर अपना नाम जगाराम रख लिया। बावजूद इसके पुलिस ने तीन महीने की मेहनत के बाद सात दिन में 5500 किलोमीटर तक वीरमाराम का पीछा करते हए उसे एक होटल से पकड़ लिया। जोधपुर पुलिस रेंज की साइक्लोनर टीम के अलावा डीएसटी बाड़मेर के मालाराम की प्रमुख भूमिका रही।

स्पेशल ऑपरेशन में मिली सफलता

जोधपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि आरोपी वीरमाराम उर्फ बीरमराम पर वर्ष 2010 में हत्या का प्रकरण दर्ज हुआ था। वह वर्ष 2018 में जेल से पैरोल पर रिहा होने के बाद फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था, लेकिन वह हाथ नहीं लग रहा था। शातिर वीरमाराम कोई भी नया फोन या सिम खरीदने के बाद एक बार इस्तेमाल कर तोड़ देता था। हर बार अपनी जगह बदल लेता था। आधार कार्ड में नाम भी बदल दिया। जब पुलिस ने उसे पकडऩे के लिए तीन महीने तक ऑपरेशन ओल्ड मोंक चलाया।

मनी ट्रांजेक्शन की सूचना से पकड़ा

आईजी के अनुसार मनी ट्रांजेक्शन के आधार पर रांची में सरगना के होने की सूचना को आधार बनाकर साइक्लोनर टीम रांची से पीछा करते हुए मुजफ्फरपुर पहुंची। मुजफ्फरपुर में कई होटलें खंगालने के बाद पुलिस को उसके भारत-नेपाल बॉर्डर पर स्थित रक्सौल पहुंचने की सूचना मिली। रक्सौल के होटलों में छानबीन के बाद वहां एक होटल में जगराम के ठहरने की पुष्टि हो गई। पुलिस ने ग्राहक बनकर होटल से उसे दबोच लिया।

Published on:
23 Sept 2024 09:36 pm
Also Read
View All

अगली खबर