ब्रह्मधाम गादीपति का स्वागत किया
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बालोतरा.
समाज में द्वेष फैलाने वाली घटनाएं किसी भी सभ्य समाज के लिए सही नहीं है। इन घटनाओं को जड़ से मिटाने के लिए एकजुट होवें। प्रशासन,पुलिस ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर शीघ्र निस्तारण करें। इससे की किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हों। जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री व कनाना महंत परशुरामगिरी महाराज ने शनिवार को गत दिनों गांव में घटित घटना के विरोध में एकत्रित हुए ग्रामीणों को संबोधित करते हुए यह बात कही। इससे पूर्व ब्रह्मधाम तीर्थ आसोतरा गादीपति तुलसाराम महाराज के चार्तुमास पूर्ण कर आसोतरा आगमन पर ग्रामीणों ने गाजे बाजे से इनका स्वागत किया।
परशुराम गिरी ने कहा कि आसोतरा गांव में घटित घटना निंदनीय है। घटना से गांव व आस पास के लोगों में दहशत है। प्रशासन व पुलिस इस तरह की अवांछनीय गतिविधियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर शीघ्र समाधान करें। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी अनिल मेहला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाशदान रतनू से लाउड स्पीकर को मांग के बावजूद नहीं हटाने पर कड़ा रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि तुरंत प्रभाव से अवैध रूप से लगाया गया लाउड स्पीकर हटाया जाए। मारपीट करने के आरोपी युवक के कॉल डिटेल निकाल कार्रवाई करने की मांग की। कार्यवाही के लिए दो दिन का समय देते हुए आंदोलन करने की चेतावनी दी। उपखंड अधिकारी अनिल मेहला, पुलिस उप अधीक्षक विक्रमसिंह भाटी ने उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सरपंच लूंगादेवी पटेल, उप सरपंच नरपतलाल सुथार, नैनसिंह राजपुरोहित, पुखराज, मूलाराम सुथार, झंूझाराम चौधरी, धर्माराम चौधरी, भलाराम मेघवाल, हिंदूराम मेघवाल, सकाराम भील, धूड़ाराम भील, जगदीश सोनी, मांगीलाल लुहार, भंवरलाल लुहार, मांगीलाल माली, मादाराम माली, पुखराज हरिजन, देवाराम देवासी, जुंझारसिंह सिसोदिया, राजूसिंह मौजूद थे।
स्वागत किया-इससे पूर्व ब्रह्मधाम तीर्थ गादीपति तुलसाराम महाराज के चार्तुमास कर पैतृक गांव आसोतरा लौटने पर बड़ी संख्या में एकत्रित ग्रामीणों ने गाजे बाजे से स्वागत किया। पुष्प वर्षा करने के साथ जयकारे लगाएं। चरण वंदना कर आर्शीवाद प्राप्त किया। इस अवसर पर वेंदाताचार्य डॉ. ध्यानाराम महाराज, चेतनानंद महाराज डण्डाली, उत्तमसिंह राजपुरोहित, शिवसेना जिला प्रमुख पन्नालाल सोलंकी, बजरंग दल के महेश प्रजापत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।