बाड़मेर

राजस्थान में 3 करोड़ रुपए का ‘नशा’ भस्म, तस्करी होती तो युवा पीढ़ी हो जाती बर्बाद, स्मैक की बोरियां भरकर लाए पुलिसकर्मी

बाड़मेर जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 21 प्रकरणों से जब्त 18 क्विंटल, 61 किलो, 447 ग्राम डोडा पोस्त और 166 ग्राम स्मैक को सुरक्षित विधि से जलाकर नष्ट किया गया। इनकी अनुमानित कीमत 3.12 करोड़ रुपए है।
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Oct 01, 2025
Barmer police burn narcotics
Barmer police burn narcotics

Barmer Police: बाड़मेर पुलिस ने मंगलवार को एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त मादक पदार्थों को पुलिस फायरिंग रेंज में नष्ट किया। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेशानुसार एसपी नरेंद्र सिंह मीणा की अध्यक्षता में गठित कमेटी की निगरानी में की गई।


पुलिस के अनुसार, बाड़मेर जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 21 प्रकरणों से जब्त 18 क्विंटल, 61 किलो, 447 ग्राम डोडा पोस्त और 166 ग्राम स्मैक को सुरक्षित विधि से जलाकर नष्ट किया गया। इनकी अनुमानित कीमत 3.12 करोड़ रुपए है।


इन मामलों में थाना गुड़ामालानी के तीन, धोरीमन्ना के सात, चौहटन के सात और सदर थाने के चार प्रकरण शामिल रहे। एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि थानों के मालखानों में लंबे समय तक जब्त मादक पदार्थ रखे रहने से स्थान की कमी और सुरक्षा संबंधी दिक्कतें उत्पन्न होती हैं। इसलिए न्यायालय के आदेशानुसार इन्हें समय-समय पर नष्ट किया जाता है।


नशा मुक्त बनाने की पहल


जोधपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के निर्देश पर बाड़मेर जिले में नशा उन्मूलन अभियान लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि हाल ही में गुड़ामालानी, धोरीमना, चौहटन और सदर थाना क्षेत्रों से जब्त किए गए 21 मामलों में 18 क्विंटल से अधिक डोडा पोस्त और 170 ग्राम स्मैक को न्यायालय की अनुमति के बाद पुलिस फायरिंग रेंज में नष्ट किया गया। यह कार्रवाई ड्रग निस्तारण कमेटी की देखरेख में पूरी की गई।


युवा पीढ़ी को बचाने का संकल्प


एसपी मीणा ने कहा कि नशे की गिरफ्त में आने से युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। इस खतरे को रोकने के लिए पुलिस तस्करी के साथ-साथ सामाजिक आयोजनों में होने वाली डोडा पोस्त और अफीम की पारंपरिक पेशकश पर भी पैनी नजर रख रही है। उनका कहना है कि इस मुहिम का मकसद नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म कर समाज के युवाओं को सुरक्षित भविष्य देना है।


तस्करों पर शिकंजा, जागरूकता पर जोर


बाड़मेर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को और सख्त करने का निर्णय लिया है। तस्करों पर नियमित छापेमारी, सतत निगरानी और जागरूकता अभियानों से समाज को नशे के खतरे से दूर रखने की कोशिश की जा रही है। यह सख्ती नशे के सौदागरों के लिए कड़ा संदेश है और पुलिस के उस संकल्प को भी दर्शाती है, जिसके तहत जिले को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

Updated on:
01 Oct 2025 10:26 am
Published on:
01 Oct 2025 10:26 am