
Rajasthan Gas Discovery: बाड़मेर: तेल का खजाना रेगिस्तान अब प्राकृतिक गैस को लेकर भी विपुल संभावनाओं का केंद्र बन रहा है। 45 लाख घनमीटर प्रतिदिन प्राकृतिक गैस के आंकड़े को छू लिया है। एक महीना पहले जैसलमेर में ऑयल इंडिया लिमिटेड को बड़ी सफलता मिलने के बाद कंपनी उत्साहित है। नए एक हजार खुद रहे तेल कुओं में गैस की संभावनाएं बाड़मेर-सांचौर बेसिन में प्राथमिकता में रहेगी।
बता दें कि बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी में रागेश्वरी गैस टर्मिनल है। बाड़मेर में गुड़ामालानी के निकट रागेश्वरी गैस टर्मिनल (आरजीटी) है। रागेश्वरी में 3 खरब घनमीटर गैस का भंडार है। 1700 करोड़ से इस गैस टर्मिनल का निर्माण हुआ है। अभी यहां 45 लाख घनमीटर प्रतिदिन गैस का उत्पादन हो रहा है।
इसमें से 35 लाख घनमीटर गुजरात को जाती है और 10 लाख घनमीटर केयर्न वेदांता को जा रही है। यहां अब तक 1650 एमसीएम गैस का उत्पादन हुआ है, जिससे 500 करोड़ का राजस्व राज्य को मिला है। गैस का उत्पादन मार्च 2010 में प्रारंभ हुआ था। तब प्रतिदिन 5 घनमीटर ही उत्पादन हो रहा था।
गैस उत्पादन के लिए प्रोडक्शन शेयरिंग कांट्रेक्ट 2030 तक के लिए मिला हुआ है। ऐसे में तेल के साथ गैस उत्पादन में अब राजस्थान अव्वल स्थिति में आ सकता है।
जैसलमेर के डोंडेवाला में हाल ही में प्रारंभिक जांच और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इस क्षेत्र में करीब 75 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस संसाधन होने का अनुमान है। खास बात यह है कि डांडेवाला फील्ड में पहले से पारंपरिक गैस उत्पादन होता रहा है, लेकिन सानू फॉर्मेशन में पहली बार गैस की मौजूदगी साबित हुई है। कंपनी का दावा है कि इस खोज से क्षेत्र की संभावनाएं और बढ़ेंगी तथा भविष्य में यहां और विकास एवं उत्पादन कार्य किए जा सकेंगे।
पाताल में तेल का भंडार मिलना एक बड़ी सफलता है। प्राकृतिक गैस के भंडार तेल से पहले मिलते हैं। ऐसे में नए क्षेत्र में इसकी संभावनाएं ज्यादा हैं। जैसलमेर के डोंडेवाला में बड़ा खजाना मिला है। यही संभावनाएं शाहगढ़, जैसलमेर, गुड़ामालानी और सांचौर तक हो सकती हैं।
-गोविंदकृष्ण व्यास, भूगर्भ विशेषज्ञ