RAS-2024 Topper : राजस्थान लोक सेवा आयोग की परीक्षा आरएएस-2024 रिजल्ट में बाड़मेर के धोरीमन्ना के भलीसर निवासी दिनेश विश्नोई ने प्रथम रैंक हासिल कर प्रदेश में टॉप किया है। राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में दिनेश विश्नोई ने अपनी सफलता के राज का खुलासा किया। जानें दिनेश विश्नोई की Success Story।
RAS-2024 Topper : बाड़मेर के धोरीमन्ना के भलीसर निवासी दिनेश विश्नोई ने आरएएस में प्रथम रैंक हासिल कर प्रदेश में टॉप किया है। राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में दिनेश ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय कर पूरी लगन से प्रयास करने वालों को सफलता जरूर मिलती है।
Q. आपको आरएएस टॉपर बनने पर हार्दिक बधाई। सफलता की यात्रा के बारे में बताइए।
दिनेश - धन्यवाद। यह सफर आसान नहीं था। लगातार मेहनत, आत्मविश्वास और परिवार के सहयोग से यह मुकाम हासिल किया। हर दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश की।
Q. आरएएस को करियर के रूप में चुनने की प्रेरणा कहां से मिली?
दिनेश - स्कूली शिक्षा के बाद ही प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना था। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की इच्छा ने मुझे इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
Q. आपकी तैयारी की रणनीति क्या रही?
दिनेश - मैंने कोई सख्त टाइम-टेबल नहीं बनाया। जब भी समय मिला, पढ़ाई की। पटवारी और बीडीओ रहते हुए भी तैयारी जारी रखी। सिलेबस को छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ा और नियमित रिवीजन पर जोर दिया।
Q. अभ्यर्थियों के लिए संदेश?
दिनेश - धैर्य रखें और निरंतर मेहनत करें। असफलता से घबराएं नहीं, बल्कि उससे सीखें। 2021 में मुझे भी असफलता मिली थी, लेकिन हार नहीं मानी और प्रयास जारी रखा।
Q. प्री, मेन्स और इंटरव्यू की तैयारी में क्या अंतर रखा?
दिनेश - प्री के लिए ऑब्जेक्टिव प्रश्न और करंट अफेयर्स पर फोकस रहा। मेन्स में उत्तर लेखन का अभ्यास किया, जबकि इंटरव्यू के लिए व्यक्तित्व विकास और समसामयिक मुद्दों पर ध्यान दिया।
Q. क्या आपने कोचिंग ली या सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया?
दिनेश - सीमित कोचिंग ली, लेकिन करीब 90 प्रतिशत तैयारी सेल्फ स्टडी से की।
Q. तैयारी के दौरान सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?
दिनेश - निरंतरता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती थी। कई बार थकान और निराशा महसूस हुई, लेकिन लक्ष्य को ध्यान में रखा।
Q. पढ़ाई और निजी जीवन के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा?
दिनेश - बीच-बीच में ब्रेक लेकर खुद को तरोताजा करता रहा। परिवार, खासकर जीवनसाथी और माता-पिता का पूरा सहयोग मिला।
वर्तमान में आरपीएस प्रशिक्षणरत।
आरएएस-2023 में 57वीं रैंक।
ग्राम सेवक के पद पर कार्यरत।
2023 में आरपीएस कैडर मिला।
2021 आरएएस में 948वीं रैंक।
वर्ष 2022 में पटवारी बने।