राजस्थान की चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में एसआईटी प्रमुख एसीपी छवि शर्मा ने बड़ा खुलासा किया है।
Sadhvi Prem Baisa Death Case: राजस्थान की चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच कर रही एसआईटी की टीम ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एक निजी समाचार चैनल से खास बातचीत में एसआईटी प्रमुख एसीपी छवि शर्मा ने बड़ा खुलासा किया।
एसीपी ने बताया कि मुख्य संदेही कंपाउंडर देवी सिंह ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने साध्वी प्रेम बाईसा को सिर्फ एक नहीं, बल्कि एक से अधिक इंजेक्शन दिए थे। अब पुलिस उन इंजेक्शनों की प्रकृति और साल्ट की जांच कर रही है।
जांच के केंद्र में 'डिग्री' और 'डेटा' पुलिस ने आरोपी कंपाउंडर देवी सिंह को नोटिस जारी कर उसकी नर्सिंग डिग्री और मेडिकल रिकॉर्ड मांगे हैं।
शक है कि बिना वैध अधिकार के इंजेक्शन दिए गए। साथ ही प्रेक्षा अस्पताल से घटना के दिन के सीसीटीवी फुटेज और साध्वी के मेडिकल रिकॉर्ड भी तलब किए गए हैं।
आर्थिक और डिजिटल पहलुओं की घेराबंदी इस केस में केवल मेडिकल एंगल ही नहीं, बल्कि भारी-भरकम संपत्ति और पैसों के लेन-देन की भी गहनता से जांच हो रही है। SIT निम्नलिखित बिंदुओं पर फोकस कर रही है।
एसीपी छवि शर्मा के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने की संभावना है, जो मौत के असली कारणों से पर्दा उठाएगी। फिलहाल, आश्रम के सेवादारों से लेकर साध्वी के परिजनों तक, हर कोई संदेह के घेरे में है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि साध्वी ने हाल के दिनों में किन-किन स्थानों की यात्रा की थी और वे किन लोगों के संपर्क में थीं।