बाड़मेर

शहीद धर्माराम जाट मूर्ति अनावरण समारोह कल,सेनाध्यक्ष रावत होंगे कार्यक्रम में शरीक

- समारोह की पूर्व तैयारियां को लेकर पीले चावल बांटे
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Updated: 20 Dec 2017, 10:13 PM IST
Shaheed Dharmarama Jat ,statue unveiling ceremony
Shaheed Dharmarama Jat statue unveiling ceremony tomorrow

बाड़मेर.जिले के तारातरा गांव के शहीद धर्माराम जाट की मूर्ति का अनावरण कार्यक्रम गुरुवार को होगा। मूर्ति अनावरण के इस कार्यक्रम में सेनाध्यक्ष विपिन रावत कार्यक्रम में शरीक होंगे। इससे पहले बुधवार रात कार्यक्रम स्थल पर एक शाम शहीदों के नाम भजन संध्या का आयोजन होगा। इस भजन संध्या में राष्ट्र भजनों की प्रस्तुति गायक नीम्बाराम मांजू सहित कई कलाकार देंगे। समारोह की तैयारियों को लेकर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद इकाई के अध्यक्ष कैप्टन हीरसिंह भाटी व उपाध्यक्ष खीमाराम चौधरी ने मूर्ति स्थापना स्थान का अवलोकन किया। उन्होंने टोलीवार निमंत्रण को लेकर पीले चावल बांटे। शहीद धर्माराम जााट की मूर्ति अनावरण कार्यक्रम के लिये तैयारियां जोरों-शोरों से की जा रही है।
सेना की कई अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम स्थल पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। शहीद की मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में सेनाध्यक्ष विपिन रावत के शरीक होने के चलते व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम से पहले बुधवार रात को भजन संध्या का भी आयोजन होगा। इसमें गाय.क नींबाराम के साथ-साथ अन्य कई कलाकार राष्ट्रभक्ति के भजनो की प्रस्तुति देंगे।
इस समारोह को लेकर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद इकाई के अध्यक्ष कैप्टन हरिसिंह भाटी व उपाध्यक्ष खीमाराम चौधरी ने स्थान का अवलोकन किया और उन्होनें टोलीवार निमंत्रण को लेकर अलग अलग पीले चावल भी बांटे।

कार्यक्रम को लेकर सेना के कोर कमांडर एस. बांटा, कर्नल के, प्रवीण, कर्नल सोनारामचौधरी, चौहटन विधायक तरूण राय कागा, चौहटन प्रधान कुम्भाराम सेवर सहित कई सैन्य अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया।

शहीद धर्माराम जाट-
बाड़मेर जिले की ग्राम पंचायत तारातरा के विलासर गांव निवासी धर्माराम जाट सेना की 1 राष्ट्रीय राइफल्स में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में तैनात थेे। सेना के गश्ती दल को 25 मई 2015 को संदेश मिला कि एक गांव में आतंकी घुस आए है। उनके एक मकान में छुपे हुए होने की सूचना थी। सेना के गश्ती दल ने उस मकान को घेर लिया, जिसमें आतंकी छुपे हुए थे। गश्ती दल के कमांडर की सुुरक्षा में तैनात धर्माराम की चौकस निगाहों ने देखा कि एक आतंकी भागते हुए छत पर पहुंच गया है और वहां से दनादन गोलियां बरसा रहा है। कमांडर व साथियों की हिफाजत करते हए धर्माराम ने उस पर फायर खोल ढेर कर दिया। उस दौरान एक अन्य आतंकी ने गोलियां बरसाई। आमने-सामने के मुकाबले में जांबाज धर्माराम के पेट के निचले हिस्से में गोली लगी। फिर भी वे लड़ते रहे और आतंकी को मार गिराया। सेना के इस सफल ऑपरेशन में इस जांबाज ने आंतकियों को मार गिराने केे साथ अपने कमांडर व साथियों का बचाव भी किया। घायल धर्माराम को सेना के हेलिकॉप्टर से सैन्य अस्पताल ले जाया गया। लेकिन उन्हे बचाया नहीं जा सका। वे देश के लिए शहीद हो गए। मरणोपंरात उन्हे शौर्यचक्र से भी सम्मानित किया गया।

Updated on:
20 Dec 2017, 10:13 PM IST
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