Pachpadra Refinery: पश्चिमी राजस्थान के लिए बहुप्रतीक्षित रिफाइनरी परियोजना अब औपचारिक शुरुआत के करीब पहुंच गई है।
बालोतरा। पश्चिमी राजस्थान के लिए बहुप्रतीक्षित रिफाइनरी परियोजना अब औपचारिक शुरुआत के करीब पहुंच गई है। इसी माह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों रिफाइनरी के शुभारंभ की कवायद की जा रही है। यह परियोजना केवल बालोतरा जिले तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे पश्चिमी राजस्थान को यह फायदा देगी।
रिफाइनरी के शुरू होते ही न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि इससे जुड़े पेट्रोकेमिकल उद्योगों के लिए बड़े अवसर खुलेंगे। बालोतरा में पेट्रोकेमिकल जोन विकसित होने का फायदा बालोतरा सहित जोधपुर के औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंचेगा। पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योगों से क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और बालोतरा के साथ जोधपुर में पहले से संचालित 200 प्लास्टिक व पैकेजिंग उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।
रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल जोन के अस्तित्व में आने से इन इकाइयों को कच्चा माल स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। वहीं नई इकाइयों की स्थापना का रास्ता खुलेगा। रोजगार के लिहाज से भी रिफाइनरी गेमचेंजर साबित होगी। अनुमानित 50 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, जिसमें तकनीकी, कुशल और अर्द्धकुशल श्रमिकों के साथ सेवा क्षेत्र के रोजगार शामिल होंगे। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को संबल मिलेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट भी इस परियोजना की खास जरूरत है। रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल जोन और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने के लिए सड़कों, बिजली, पानी और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। वर्तमान में बालोतरा-जोधपुर के बीच केवल सिंगल रोड है, जो बढ़ते औद्योगिक और यातायात दबाव के लिए अपर्याप्त मानी जाती है। रिफाइनरी के शुरू होने के साथ ही इस मार्ग के चौड़ीकरण और नए कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स की मांग और जरूरत बढ़ गई है।
विशेषज्ञों ने पचपदरा से जोधपुर तक इंडस्ट्रियल मोबिलिटी कॉरिडोर के निर्माण की आवश्यकता जताई है। इससे मुख्य मार्ग पर औद्योगिक और सामान्य ट्रैफिक के लिए लेन सुनिश्चित होंगी, जाम की समस्या कम होगी और समय की बचत होगी। योजना में सर्विस रोड, फ्लाईओवर, ई-स्पीड बस सेवा, शटल बस और भविष्य में रेल-मेट्रो कनेक्टिविटी को शामिल करने के साथ ही प्रभावी ट्रैफिक मॉडल के क्रियान्वयन की आवश्यकता है। ऐसे में लॉन्ग टर्म मोबिलिटी प्लान को धरातल पर उतारने से शहर और औद्योगिक मार्गों में ट्रैफिक सुगमता और सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता में सुधार होगा।
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