बाड़मेर

कार्मिकों की लेट-लतीफी से परेशान ग्रामीणों ने अस्पताल पर जड़ा ताला, जताया विरोध

- तीन दिन में व्यवस्थाओं के नहीं सुधरने पर आंदोलन की चेतावनी
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Updated: 10 Jun 2018, 6:58 PM IST
कार्मिकों की लेट-लतीफी से परेशान ग्रामीणों ने अस्पताल पर जड़ा ताला, जताया विरोध
कार्मिकों की लेट-लतीफी से परेशान ग्रामीणों ने अस्पताल पर जड़ा ताला, जताया विरोध


पाटोदी (बाड़मेर). ग्राम पंचायत नवातला के आदर्श राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के कार्मिकों की लेटलतीफी से परेशान ग्रामीणों ने शनिवार को नवातला सरपंच अबूखां मस्सा व औकातिया बेरा सरपंच कल्याणसिंह सिसोदिया के नेतृत्व में पीएचसी के आगे धरना दिया और अस्पताल पर ताला जड़ दिया। उन्होनें बताया कि अस्पताल का समय सुबह आठ बजे है, लेकिन चिकित्सक व कार्मिक सुबह 11 बजे या उसके बाद पहुंचते हैं। इस पर उपचार को लेकर हर दिन ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती है। शनिवार सुबह 10 बजे तक भी चिकित्सालय नहीं खोलने पर ग्रामीणों ने धरना दिया। उन्होंने नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। विरोध की जानकारी के बावजूद कार्यरत चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंचा। इस दौरान उच्च अधिकारियों के फोन पर उचित कार्रवाई करने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने चिकित्सालय पर लगाया ताला खोला। उन्होंने तीन दिन में व्यवस्था नहीं सुधारने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

इसलिए है जनता की नाराजगी- जिले में चिकित्सा सेवाओं की महत्ती आवश्यकता है। क्योंकि यहां दूर-दूर तक अस्पताल नहीं है। एेसे में जहां कहीं अस्पताल है, वहां उस गांव और कस्बे के अलावा आसपास के गांवों से भी मरीज पहुंचते हैं। अमूमन चिकित्सालय खुलते ही मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हो जाता है तो शाम तक चलता रहता है। इस दौरान अस्पताल समय में मरीज दिखाते ही है, इसके बाद चिकित्सक के घर पहुंच कर भी परामर्श लेते हैं। चिकित्सक के नहीं आने पर वे पहले तो इंतजार करते हैं, इसके बाद निकटवर्ती शहर जाना पड़ता है। वहां पर भी चिकित्सालय का समय समाप्त होने पर निजी अस्पताल में इलाज करवाना पड़ता है जो मंहगा पड़ता है।

हर दिन की लेट-लतीफी- चिकित्सालय हर दिन देरी से खुलता है। चिकित्सक व कार्मिक समय पर नही आते, जिस पर आमजन को उपचार नहीं मिल रहा है। तीन दिन में व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो बड़ा आंदोलन करेंगे। - अबूखां मस्सा, सरपंच नवातला

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