बस्सी

राजस्थान में अनोखा चूरमा : तीन JCB से चूरमे में मिलाया घी-खाण्ड और ड्राईफ्रूट, 651 क्विंटल महाप्रसादी तैयार

छापाला भैरूजी मंदिर का 17वां वार्षिकोत्सव 30 जनवरी को मनाया जाएगा। इस बार श्रद्धालुओं के लिए 651 क्विंटल महाप्रसादी तैयार की है।
2 min read
Jan 28, 2026
Churma, unique Churma, 651 quintals of Mahaprasad, Chhapala Bhairuji Temple, Bassi News, Jaipur News, Rajasthan News, चूरमा, अनोखा चूरमा, 651 क्विंटल महाप्रसादी, छापाला भैरूजी मंदिर, बस्सी न्यूज, जयपुर न्यूज, राजस्थान न्यूज
चूरमा तैयार करती टीम। फोटो- पत्रिका

सतीश शर्मा
नारेहड़ा. कोटपूतली-बहरोड़ जिले के सीकर-कुचामन स्टेट हाईवे पर स्थित ग्राम कुहाड़ा की पहाड़ी पर बने छापाला भैरूजी मंदिर का 17वां वार्षिकोत्सव 30 जनवरी को श्रद्धा और भक्ति के माहौल में मनाया जाएगा। इस बार करीब 651 क्विंटल महाप्रसादी तैयार की जा रही है। इसके लिए 100 मीटर लंबे जगरे पर 150 क्विंटल आटे से बाटियों की सिकाई की गई। जगरा जलाने के लिए 450 क्विंटल उपलों का उपयोग किया गया।

सिकाई के बाद बाटियों को कम्प्रेसर से साफ कर थ्रेसर से पीसकर चूरमा बनाया गया। चूरमे में तीन जेसीबी से 35 क्विंटल घी और 130 क्विंटल खाण्ड मिलाई गई। पिछले वर्ष 551 क्विंटल महाप्रसादी तैयार की गई थी, लेकिन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार इसे बढ़ाकर 651 क्विंटल किया गया है। प्रसाद में केवल चूरमा, दही और दाल परोसी जाएगी।

वार्षिकोत्सव को लेकर 29 जनवरी को कलश यात्रा निकाली जाएगी। मुख्य दिन मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन होगा और हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके लिए हेलीपैड तैयार किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि आयोजन को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए स्कूलों के करीब 5 हजार वॉलिंटियर, 3 हजार पुरुष कार्यकर्ता और 500 महिला स्वयंसेवक सेवाएं देंगे। शुक्रवार को मुख्य मेले के दिन भंडारे के साथ दोपहर में धमाल कार्यक्रम रखा गया है।

दो थ्रेसर से की बाटियों की पिसाई

लक्खी मेले को लेकर करीब एक माह से ग्रामीण जनसहयोग से भंडारे और व्यवस्थाओं की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस बार भैरू बाबा के दरबार में 651 क्विंटल चूरमे की महाप्रसादी का भोग लगाया जाएगा, जिसे बिना किसी हलवाई के ग्रामीण स्वयं तैयार कर रहे हैं। महाप्रसाद के लिए तैयार बाटियों की पिसाई दो थ्रेसरों से की जा रही है।

यह वीडियो भी देखें

काजू, बादाम, किशमिश व खोपरा मिलाया

महाप्रसादी निर्माण में चूरमे में 3 जेसीबी से 165 क्विंटल घी-खाण्ड के साथ काजू, बादाम, किशमिश और खोपरा मिलाया गया। चूरमे में उपयोग के लिए देसी घी गांव-गांव से एकत्र किया गया है, जिसे श्रद्धालुओं ने भैरू बाबा की सेवा में समर्पित किया। पूरी प्रक्रिया में स्वच्छता और परंपरागत विधि का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

महाप्रसादी की सामग्री

651 क्विंटल महाप्रसादी के लिए 150 क्विंटल आटा, 100 क्विंटल सूजी, 35 क्विंटल देसी घी, 130 क्विंटल खाण्ड, 10 क्विंटल मावा, 3 क्विंटल बादाम, 3 क्विंटल किशमिश, 3 क्विंटल काजू, 3 क्विंटल खोपरा, 100 क्विंटल दूध आटे में, 80 क्विंटल दूध का दही और 40 क्विंटल दाल का उपयोग किया जाएगा। प्रसादी वितरण के लिए 3 लाख पतल और चाय के लिए 4 लाख कप मंगवाए गए हैं। पीने के पानी की व्यवस्था के लिए 25 पानी के टैंकर लगाए जाएंगे।

इनसे बनेगी दाल

दाल बनाने के लिए 40 क्विंटल दाल, 20 पीपा सरसों तेल, 5 क्विंटल टमाटर, 2 क्विंटल हरी मिर्च और 1 क्विंटल हरा धनिया का उपयोग होगा। मसालों में 60 किलो लाल मिर्च, 60 किलो हल्दी और 40 किलो जीरा डाला जाएगा।

Updated on:
28 Jan 2026 10:43 pm
Published on:
28 Jan 2026 10:00 pm