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पेयजल समस्या कई वर्षों से बरकरार, उच्च जलाशय बनाने की दरकार

जयपुर-जमवारामगढ़ स्टेट हाईवे पर सायपुरा गांव में जनसंख्या बढ़ने व पेयजल स्रोत पर्याप्त नहीं होने से नहीं मिल रहा पानी

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Jan 17, 2018

जमवारामगढ़ (जयपुर)। जयपुर-जमवारामगढ़ स्टेट हाईवे पर सायपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर पेयजल संकट की समस्या कई वर्षों से बरकरार है। पेयजल जलापूर्ति के लिए ग्राम पंचायत सायपुरा जनता जल योजना में घर-घर पेयजल आपूर्ति कर रही है। लेकिन पानी नलकूपों से सीधे ही घर-घर आपूर्ति किया जाता है। ऐसे में आधे से अधिक घरों में पानी नहीं पहुंच पाता है।

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सायपुरा राजधानी से समीप होने से आस-पास शहरीकरण बढ़ा है तथा विगत एक दशक में कॉलोनियां विकसित होने से जनसंख्या में इजाफा हुआ है। सायपुरा गांव से सटकर चावण्ड का मंड गांव का अधिकांश हिस्सा भी आता है। जनसंख्या बढ़ने व पेयजल स्रोत पर्याप्त नहीं होने से पानी नहीं मिल रहा है। सायपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर जलदाय विभाग उच्च जलाशय बनाकर जलापूर्ति करें तो पानी सभी घरों में समान दबाव से तथा समान मात्रा में जा सकता है। उच्च जलाशय बनने से पेयजल समस्या का समाधान हो सकता है।

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ग्राम पंचायत के प्रयास
ग्राम पंचायत सायपुरा सरपंच ने ग्राम पंचायत मुख्यालय पर उच्च जलाशय बनवाने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री,केन्द्रीय खेल एवं युवा मामलात मंत्री व जयपुर ग्रामीण सांसद व जमवारामगढ़ विधायक से मिलकर उच्च जलाशय बनवाने की मांग कर चुके है। उच्च जलाशय के लिए सांसद व विधायक भी जलदाय विभाग को पत्र लिख चुके है लेकिन उच्च जलाशय मंजूर नहीं हो पा रहा है।

नलकूपों में पानी का संकट
ग्राम पंचायत में जलापूर्ति के लिए लगे नलकूप भूजल स्तर गिरने से कम पानी दे रहे है। जिससे भी जलापूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रही है। ग्राम पंचायत मुख्यालय पर जलापूर्ति के लिए राज्यसभा सांसद मद से स्वीकृत 10 लाख की राशी से स्वीकृत दो नलकूप ढूंढ नदी में खुदाए थे लेकिन दोनों नलकूप सूखे निकलने से गर्मियों में पेयजल समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

जनसंख्या बनी रुकावट
जलदाय विभाग एक राजस्व गांव में 04 हजार की जनसंख्या वाले गांव में ही उच्च जलाशय की योजना को मंजूरी देता है। विभाग 2011 उच्च जलाशय की पेयजल स्कीमों की मंजूरी देता है। जनसंख्या का आधार पूरा नहीं करने पर विभाग ने योजना को मंजूरी नहीं दी है।

आधा खर्चा दे तब ही संभव...
चार हजार की जनसंख्या कम होने पर उच्च जलाशय बनवाने के लिए योजना की लागत का आधा खर्चा सांसद व विधायक स्थानीय विकास मद से दे सकते है। इसके अलावा भामाशाह भी राशी दे सकते है। सायपुरा में उच्च जलाशय निर्माण के लिए 88 लाख की लागत वाली योजना जलदाय विभाग ने बनाई थी। योजना मंजूरी के लिए योजना की लागत का आधा मूल्य 44 लाख रुपए जमा कराने पर योजना मंजूर हो सकती है। विधायक व सांसद कोष या फिर भामाशाहों से यह राशि मिले तो उच्च जलाशय की मंजूरी हो सकती है।

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28 लाख की बनाई थी योजना
ग्राम पंचायत मुख्यालय सायपुरा में उच्च जलाशय मय पम्प हाउस,चार नलकूप व पाइप लाइनों सहित 28 लाख की योजना बनाकर जलदाय विभाग को मंजूरी के लिए ग्राम पंचायत की मांग पर सहायक अभियंता कार्यालय जलदाय ने बनाकर भेजी थी। विधायक व सांसद ने भी योजना मंजूरी के लिए विभाग को लिखा है।

उच्च जलाशय के लिए 4 हजार की जनसंख्या होना अनिवार्य है। यदि सांसद, विधायक या भामाशाह योजना की लागत का 50 प्रतिशत खर्चा वहन करें तो उच्च जलाशय बन सकता है।
राजेश पूनिया, अधिशासी अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग,
जयपुर दितीय

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उच्च जलाशय मंजूरी के लिए जलदाय विभाग को कई बार अनुरोध किया जा चुका है। योजना को मंजूर कराने के लिए नियमों में छूट दिलाने के प्रयास जारी है। उच्च जलाशय अवश्य बनवाया जाएगा।
जगदीशनारायण मीना, विधायक जमवारामगढ़

सायपुरा ग्राम पंचायत में उच्च जलाशय की योजना मंजूरी के लिए सभी स्तर पर प्रयास किए जा चुके है। लेकिन विभाग ने जनसंख्या आंकड़े पूरे नहीं होने से योजना को मंजूर नहीं किया है। गर्मियों में पेयजल के हालात ओर अधिक खराब होने की संभावना है।
रमेशचंद शर्मा, सरपंच ग्राम पंचायत सायपुरा

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Published on:
17 Jan 2018 06:27 pm
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