बस्ती में एक जिंदा व्यक्ति चौदह साल से राजस्व अभिलेख में मृतक के रूप में दर्ज है। इस कारण उसकी जमीन विवाद में फंसी हुई है, हैरानी की बात है कि मृतक स्वास्थ विभाग से पेंशन ले रहा है।
बस्ती जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, यहां एक जिंदा व्यक्ति को सरकारी अभिलेखों में 14 साल पहले मृत घोषित कर दिया गया। अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ते हुए पीड़ित बुजुर्ग कफन ओढ़कर और गले में माला डालकर DM कार्यालय पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई। जानकारी के मुताबिक लालगंज थाना क्षेत्र के बानपुर गांव निवासी इशहाक अली पुत्र फुल्लूर ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2012 में तत्कालीन राजस्व निरीक्षक ललित कुमार मिश्रा ने सरकारी कागजों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया था।
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जानकारी के मुताबिक इशहाक अली संतकबीर नगर के नाथनगर सीएचसी में सफाईकर्मी पद पर कार्यरत थे। उनकी 0.770 हेक्टेयर पुश्तैनी जमीन (गाटा संख्या 892) गांव की ही एक महिला शाहिदुन्निशा के नाम दर्ज कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस अवधि में राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में इशहाक अली को मृत दर्शाया गया, उसी दौरान स्वास्थ्य विभाग उन्हें नियमित वेतन देता रहा। ये 2019 में रिटायर हो गए थे और उन्हें अब पेंशन भी मिल रही है, इसके बावजूद राजस्व अभिलेखों में वह आज भी मृत दर्ज हैं।
पीड़ित इशहाक अली ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से खुद को जीवित साबित करने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। पीड़ित ने बताता की सरकार मुझे पेंशन दे रही है, लेकिन अभिलेख में मृत दिखा कर मेरी पहचान और जमीन छीन ली गई है। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए SDM शत्रुघ्न पाठक ने बताया कि प्रकरण की जांच कराई जा रही है और दोषी के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी।