Benefits of Coriander for Skin: आपने धनिया को सिर्फ खाने में उपयोग करते सुना होगा, लेकिन आपको यह पता है कि यह चेहरे के लिए भी गुणकारी है। इसमें मौजूद पोषण चेहरे की कई समस्याओं का इलाज करने में मदद करता है।
Benefits of Coriander for Skin: धनिया केवल खाने का स्वाद बढ़ाने या फिर चटनी के लिए इस्तेमाल करने के अलावा सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है। लेकिन क्या आपको पता है कि यह त्वचा के लिए भी एक अद्भुत उपाय है? इसमें पाए जाने वाले एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-एजिंग गुण पिम्पल्स, झुर्रियों और अन्य समस्याओं से भी निजात पाने में असरदार हैं। जी हां, आपने सही सुना है, धनिया से घर पर ही फेसपैक तैयार करके आप चेहरे की कई समस्याओं से निजात पा सकते हैं। आजकल के बुरे लाइफस्टाइल से लड़कियां अपने पिम्पल्स से काफी परेशान हैं, इसलिए हम आपको हरे धनिये के सही इस्तेमाल के तरीके बताएंगे, जिससे आपको पिम्पल्स और चेहरे से संबंधित समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।
हरा धनिया जितना शरीर के सेहत के लिए फायदेमंद है, उतना ही चेहरे के लिए भी। तो जानते हैं इसके इस्तेमाल के सही तरीके।
सबसे पहले थोड़े ताजे हरे धनिये को अच्छे से धोकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें। फिर उसे एक बाउल में डालकर उसमें 4-5 नींबू का रस मिला लें। दोनों मिश्रण को अच्छे से मिला लें और जहाँ-जहाँ पिम्पल्स हुए हों, वहां इसे अच्छे से लगाएं। लगभग 1 घंटे तक पेस्ट को लगे रहने दें, फिर उसे गुनगुने पानी से धो लें। रोजाना कुछ दिनों तक इस पेस्ट का इस्तेमाल करने से पिम्पल्स की समस्या से निजात मिल सकती है।
अगर उम्र से पहले ही आपके चेहरे पर झुर्रियाँ आने लगी हैं, तो पिसे हुए धनिये के पेस्ट में थोड़ा एलोवेरा जेल मिलाकर एक अच्छा मिश्रण तैयार करें। फिर इस मिश्रण को झुर्रियों वाली जगह पर लगाएं। कुछ ही दिनों में आपको फर्क दिखने लगेगा, क्योंकि धनिया में विटामिन C और एंटी-ऑक्सीडेंट्स के गुण होते हैं, जो उम्र बढ़ने के संकेतों को धीमा कर सकते हैं और त्वचा में ताजगी बनाए रखते हैं।
अगर आपकी त्वचा डल और थकी हुई है, तो थोड़ा पिसा हुआ धनिया, 1 चमच पिसा हुआ चावल का पाउडर और 1 चमच दूध डालकर एक मिश्रण तैयार करें। फिर इस मिश्रण को चेहरे पर अच्छी तरह से लगा लें और फिर चेहरे को अच्छे से धो लें। यह त्वचा को ठंडक और राहत देने में मदद करता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।