
Health News: हालिया हुए एक अध्ययन से ये सामने आया कि आप अपनी दांतों की समस्या पर अरबों डॉलर खर्च कर देते हैं। दांतों पर इतना पैसा खर्च करने की बजाए आप कुछ आसान उपाय अपनाकर इससे बच सकते हैं।
मुंह से बदबू
नियमित दांत न साफ करने से यह समस्या पैदा होती है, इसलिए दांतों को नियमित साफ करें। ऎसे खानपान जो शुगरी या स्टार्च वाले हों, उनका सेवन सीमित करें। दांतों की सफाई में फ्लशिंग का भी इस्तेमाल करें और दो दांतों के मध्य अटके अन्न कणों को पतले धागे से निकालें।
संवेदनशील दांत
आजकल संवेदनशील दांत एक आम समस्या बन गई है। सुबह की जल्दबाजी में ब्रश करने से मसूड़े क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ये दांतों की संवेदनशीलता बढ़ा देते हैं और ज्यादा ठंडा या गर्म खाने से दांत में सनसनाहट होती है। नरम ब्रिस्टल वाले टूथब्रश से ही दिन में दो बार दांत साफ करें।
पायरिया
मुंह से बदबू आना, मसूड़ों में सूजन और खून निकलने की समस्या को समवेत तौर पर पायरिया कहते हैं। इस स्थिति में दांत से कुछ भी चबाना मुश्किल होता है। दांत हिलने लगते हैं। दरअसल मुंह में लगभग 700 किस्म के करोड़ों बैक्टीरिया होते हैं। यही बैक्टीरिया दांतों और मुंह को बीमारियों से बचाते हैं। अगर मुंह, दांत और जीभ की सफाई ठीक से न की जाए तो ये बैक्टीरिया दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। पायरिया होने पर दांतों को सपोर्ट करने वाली जबड़े की हडि्डयों को नुकसान होता है। शरीर में कैल्शियम की कमी होने से भी मसूड़े पिलपिले और खराब हो जाते हैं और उनसे खून आता है। सांसों की बदबू की वजह भी पायरिया को ही माना जाता है।
मसूड़ों से खून निकलना
जब ब्रश के दबाव से मसूड़ों से खून निकलने लगे, तो समझ लें या तो किसी विटामिन की बहुत अधिक कमी है या पेरियोडॉन्टल गम डिजीज हुई है। हालांकि मसूड़ों का स्वास्थ्य हमारे दांत की आयु तय करते हैं। इसलिए ब्रश का चयन करते समय ध्यान रखें कि वह नर्म हो। बहुत पुराने ब्रश का उपयोग न करें। इन ब्रश के ब्रिस्टल कड़े हो जाते हैं।
तालु में छाले
ओरल हेल्थ में तालु में हुए छाले से भी तकलीफ होती है। जब तालु के टिश्यू कमजोर हो जाते हैं, तो मुख इंफेक्शन का खतरा बनता है। इस संक्रमण से दांतों की सेहत भी खराब हो सकती है। ऎसे में विटामिन बी कॉम्प्लैक्स का उपयोग करें। तेज मसालों का उपयोग न करें। दांतों में लगे ब्रेसिस, मुंह में छालों का कारण बन सकते हैं।
घरेलू नुस्खा
शहर के लोगों की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों के बाशिंदों में दांतों की समस्या बहुत कम दिखती हैं, क्योंकि वे प्राकृतिक तौर-तरीकों का इस्तेमाल अधिक करते हैं। वे दांतों को नीम, बबूल आदि की दातुन से साफ करते हैं। नीम की दातुन अन्य दातुन से अच्छी मानी जाती है क्योंकि इसका रासायनिक संगठन नीमबीन नीमबीडीन और मारगोडीन नामक रासायनिक संगठन से बनता है। जो अपने औषधीय गुणों के कारण ओरल हेल्थ के लिए अच्छा होता है।