राजस्थान के ब्यावर जिले में एक पूर्व सरपंच की गिरफ्तारी पर बवाल मचा है। बुधवार को भारी संख्या में पहुंचे ग्रमीणों ने कलक्ट्रेट घेर लिया, इस दौरान 5 घंटे तक कलक्ट्रेट का गेट बंद करना पड़ा।
ब्यावर। अतीतमंड में ड्रोन सर्वे के दौरान माइनिंग टीम पर हुए पथराव के मामले में पंचायत प्रशासक (पूर्व सरपंच) की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला कलक्ट्रेट कार्यालय पर धरना दिया। सुरक्षा कारणों से कलक्ट्रेट का मुख्य द्वार करीब पांच घंटे तक बंद रहा। मौके पर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया।
ग्रामीण अतीतमंड के पूर्व सरपंच दुष्यंत सिंह की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए साकेतनगर थाना अधिकारी जितेन्द्र फौजदार को निलंबित करने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान थाना पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इससे पहले ग्रामीण मिशन ग्राउंड से रैली के रूप में पुलिस व खनन विभाग के खिलाफ नारे लगाते हुए मिशन ग्राउंड से पटेल उच्च माध्यमिक विद्यालय, भगत चौराहा और शहर पुलिस थाना के सामने से होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे।
उल्लेखनीय है कि खनन विभाग की टीम ग्राम अतीतमंड में अवैध खनन और लीज खानों का ड्रोन सर्वे कर रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने टीम पर पथराव कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व सरपंच दुष्यंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सूचना के बाद बुधवार को ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। कलक्ट्रेट परिसर में मध्याह्न 12 बजे शुरू हुआ धरना शाम तक जारी रहा। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने कलक्ट्रेट कार्यालय का मुख्यद्वार बंद कर दिया। धरने के दौरान पूर्व सभापति नरेश कनौजिया, पूर्व पार्षद हंसराज शर्मा, शिवराज, मंगतसिंह मोनू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व पंचायत प्रशासक (पूर्व सरपंच) मौजूद रहे।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व पार्षदों और पंचायत प्रशासकों ने 24 घंटे के अंदर पूर्व सरपंच की रिहाई की मांग की। मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं करने पर अर्द्धनग्न प्रदर्शन की चेतावनी दी। वक्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए निष्पक्ष जांच और गिरफ्तार प्रशासक को तुरंत रिहा करने की मांग की।