जिलेभर के हितग्राही प्रोत्साहन राशि के लिए लगा रहे चक्कर. जिले में में स्वच्छ भारत मिशन के तहत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक घरों में शौचालय का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसका पहले घर-घर जाकर सर्वे किया गया था।
बेमेतरा. जिले में में स्वच्छ भारत मिशन के तहत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक घरों में शौचालय का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसका पहले घर-घर जाकर सर्वे किया गया था। जिसमें शौचालय बनाने प्रति परिवार एक शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की बात कही गई थी। लोगों ने शौचालय का निर्माण कराया और उपयोग भी कर रहे हैं। जिले में 1 लाख 23 हजार 1 63 शौचालय के लिए ग्राम पंयायतों के माध्यम से 1 अरब 47 करोड़ 79 लाख 56 हजार रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। लेकिन आज भी कई ग्राम पंचायतों के हितग्राही प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने कि शिकायत लेकर ग्राम पंचायत, जनपद, जिला पंचायत एवं कलक्टर कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कहीं से भी संतोषप्रद जवाब नहीं मिल रहा है। सबसे ज्यादा बेरला ब्लॉक के 5802 हितग्राहियों का भुगतान करना बाकी है।
जिले के 4 जनपद क्षेत्रों में कुल 1 लाख 22 हजार 166 का शौचालय निर्माण के लिए सर्वे किया गया था, जिस पर ग्राम पंचायतों के माध्यम से 1 लाख 32 हजार 87 शौचालय का निर्माण करने की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। जिसमें से 1 लाख 23 हजार 163 निर्मित शौचालयों का 147 करोड़ 79 लाख 56 हजार रुपए भुगतान ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जा चुका है। लगभग 13535 शौचालयों के 16 करोड़ 24 लाख 20 हजार रुपए का भुगतान कराना शेष है।
बेमेतरा में 721 शौचालय का भुगतान बाकी
बेमेतरा ब्लॉक में स्वच्छ भारत मिशन के तहत मनरेगा योजना के तहत 19986 एसबीएम के तहत 14998 कुल 34984 शौचालयों का सर्वे किया गया था। जिसके बाद मनरेगा के तहत 17940 एसबीएम के तहत 14105 एवं अन्य 461 मिलाकर 32506 शौचालय निर्मित करने की जानकारी दी गई। जिसमें से 31843 शौचालयों के विरुद्ध 38 करोड़़ 21 लाख 16 हजार रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इस तरह बेमेतरा ब्लॉक में 721 शौचालयों के 86 लाख 52 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि का भुगतान करना शेष है।
नवागढ़ में 1692 शौचालय का भुगतान बाकी
नवागढ़ ब्लॉक में स्वच्छ भारत मिशन के तहत मनरेगा योजना के तहत 1813 एसबीएम के तहत 30728 कुल 32541 शौचालयों का सर्वे किया गया था। जिसके बाद मनरेगा के तहत 1813 एसबीएम के तहत 28929, चौदहवें वित्त के तहत 3041 एवं अन्य 76 8 मिलाकर 34551 शौचालय निर्मित करने की जानकारी दी गई। जिसमें से 3418 2 शौचालयों के विरुद्ध 41 करोड़़ 1 लाख 8 4 हजार रुपए का भुगतान किया जा चुका है। नवागढ़ ब्लॉक में 1692 शौचालयों के 2 करोड़ 3 लाख 4 हजार रुपए कि प्रोत्साहन राशि का भुगतान करना शेष है।
साजा में 6 करोड़ का भुगतान बाकी
साजा ब्लॉक में स्वच्छ भारत मिशन के तहत मनरेगा योजना के तहत 7168 एसबीएम के तहत 21587 कुल 28755 शौचालयों का सर्वे किया गया था। जिसके बाद मनरेगा के तहत 6015 एसबीएम के तहत 21011, चैदहवें वित्त के तहत 1472 एवं अन्य मद से 4654 मिलाकर 33268 शौचालय बनाए गए। जिसमें से 28598 शौचालयों के विरुद्ध 34 करोड़़ 31 लाख 76 हजार रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इस तरह साजा ब्लॉक में 5320 शौचालयों के 6 करोड़ 38 लाख 40 हजार रुपए कि प्रोत्साहन राशि का भुेेगतान करना शेष है।
बेरला में भी 6 करोड़ का भुगतान बाकी
जिले में सबसे पहले बेरला ब्लॉक को खुले में शौचमुक्त घोषित किया गया था। लोगों ने आगे आकर अपने खर्च पर शौचालयों का निर्माण कराया था, लेकिन विडंबना है कि बेरला ब्लॉक में ही सबसे ज्यादा शौचालयों की प्रोत्साहन राशि का भुगतान करना बाकी है। बेरला ब्लॉक में स्वच्छ भारत मिशन के तहत मनरेगा योजना के तहत 2213 एसबीएम के तहत 23673 कुल 25886 शौचालयों का सर्वे किया गया था। जिसके बाद मनरेगा के तहत 2213 एसबीएम के तहत 23288, चैदहवें वित्त के तहत 503 एवं अन्य मद से 5758 मिलाकर 31762 शौचालय बनाने की जानकारी दी गई। जिसमें से 27519 शौचालयों के विरुद्ध 33 करोड़़ 2 लाख 28 हजार रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इस तरह बेरला ब्लॉक में 5802 शौचालयों के 6 करोड़ 96 लाख 24 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि का भुगतान करना शेष है।
दो सत्र से घूम रहे है हम
- जिले के नवागढ़ विकासख्ंाड के ग्राम मेहना के अनेक हिताग्रहियों को 2017-18 के दौरान शौचालय निर्माण कराने के बाद अनुदान राशि नहीं मिली है और आज भी अनेक ग्रामीण राशि के लिए भटक रह हैं। प्रभावित त्रिभुवन वर्मा, रामबाई वर्मा पति लालाराम, नूतन वर्मा, बालाराम व प्रीति आज भी येाजना की राशि पाने भटक रहे हैं।
शासन को भेजा जाएगा प्रकरण
जिला पंचायत सी ईओ प्रकाश सर्वे ने बताया कि जिले में 13 हजार से अधिक शौचालय का अतिरिक्त निर्माण किया गया है, जिसके लिए जनपदों से रिपोर्ट मंगाई जा रही है। इसके बाद प्रकरण शासन को भेजा जाएगा।