
Monkey Waving Flag: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा शहर के सिंधौरी वार्ड में पिछले एक सप्ताह से एक अनोखी घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां एक होटल की छत पर लगे धार्मिक ध्वज के पास हर रोज एक बंदर पहुंचता है और अपने हाथों से ध्वज को लहराने जैसी हरकत करता है। कुछ देर तक ध्वज के पास बैठने के बाद वह शांत होकर वहीं ठहर जाता है और फिर कुछ समय बाद चला जाता है। इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए आसपास के लोग रोजाना होटल के पास पहुंच रहे हैं। कई लोगों ने इस घटना का वीडियो भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बंदर पिछले करीब एक सप्ताह से नियमित रूप से होटल की छत पर पहुंच रहा है। वह सीधे ध्वज के पास जाता है, उसे हाथों से पकड़कर हिलाता या लहराता है और फिर कुछ देर तक वहीं शांत बैठा रहता है। बंदर का यह व्यवहार रोज लगभग एक जैसा होने के कारण लोगों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। कई लोग इसे देखने के लिए विशेष रूप से मौके पर पहुंच रहे हैं।
इस घटना को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे केवल बंदर का सामान्य व्यवहार मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे आस्था से जोड़कर भी देख रहे हैं। हालांकि इस घटना को लेकर किसी प्रकार का वैज्ञानिक या आधिकारिक दावा नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बंदर कई बार किसी वस्तु या स्थान के प्रति आदतन व्यवहार विकसित कर लेते हैं और बार-बार उसी जगह पहुंचते हैं। ऐसे व्यवहार के पीछे भोजन, जिज्ञासा या पर्यावरण से जुड़ी अन्य वजहें भी हो सकती हैं।
होटल के आसपास मौजूद लोगों ने बंदर के ध्वज लहराने के कई वीडियो रिकॉर्ड किए हैं। ये वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो देखने के बाद कई लोग इस घटना पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई जंगली जानवर किसी आबादी वाले क्षेत्र में दिखाई दे तो लोगों को उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। उसे खाना खिलाने, छेड़ने या पकड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे जानवर का व्यवहार बदल सकता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।
फिलहाल सिंधौरी वार्ड में यह बंदर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हर दिन बड़ी संख्या में लोग उसे देखने पहुंच रहे हैं। शहर में यह घटना कौतूहल का विषय बनी हुई है और लोग उत्सुकता से यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि बंदर अगले दिन भी उसी तरह ध्वज के पास पहुंचता है या नहीं।