रविवार शाम को आए आंधी-तूफान और बारिश से जिला मुख्यालय सहित आसपास के हिस्सों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
बेमेतरा. रविवार शाम को आए आंधी-तूफान और बारिश से जिला मुख्यालय सहित आसपास के हिस्सों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आंधी-तूफान की वजह से जिला मुख्यालय के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली के पोल और पेड़ गिरने से व्यवस्था प्रभावित हुई, वहीं स्वामी विवेकानंद स्टेडियम के इंडोर हॉल का एक हिस्सा ढह गया। स्थिति को देखते हुए एहतियातन प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गई।
रविवार शाम से आंधी-तूफान और बारिश का कहर आसपास के 4-5 किमी के दायरे में
मानसून का प्रदेश में आगमन नहीं हुआ है, लेकिन बेमेतरा जिला मुख्यालय में रहने वाले लोगों को उसकी धमक रविवार को ही सुनाई पड़ गई। रविवार शाम 4.30 बजे से शुरू हुए आंधी-तूफान और बारिश का कहर जिला मुख्यालय के आसपास के 4-5 किमी के दायरे में जमकर बरपा। करीब पौने घंटे तक शहर में जनजीवन थम सा गया। लोगों को लगा मानों वे झंझावत में फंसे हुए हैं। न कहीं आ सकते थे और न ही जा सकते थे। आंधी-तूफान और बारिश का दौर थमने के बाद जब बाहर निकलकर लोग आए तो हर तरफ टूटे हुए पेड़ और अस्त-व्यस्त पड़े बिजली के खंभे नजर आ रहे थे।
421 लाख की लागत से बना स्टेडियम ढहा
जिला मुख्यालय से चार किमी दूर ग्राम कंतेली में 421 लाख रुपए की लागत से बनाए गए स्वामी विवेकानंद स्टेडियम के इंडोर हाल का एक हिस्सा इस आंधी-तूफान और बारिश की वजह से ढह गया। दीवार गिर गई, वहीं टीन शेड उड़ गए। स्टेडियम का महज दो साल पहले मई 2016 में लोकार्पण हुआ था। अव्यवस्था की वजह से इसका सही तरीके से इस्तेमाल ही नहीं हो पाया है, और अब आंधी-तूफान की वजह से इंडोर हाल के एक हिस्से को तबाह कर रही-सही कसर पूरी कर दी।
कलक्टोरेट का वाहन स्टैंड उखड़ा
आंधी-तूफान का कहर कलक्टोरेट (नया कम्पोजिट बिल्डिंग) पर भी बरपा। कलक्टोरेट के पीछे के हिस्से की दीवार के साथ कर्मचारियों के लिए बनाया गया वाहन स्टैंड भी ढह गया। इसके अलावा भवन के मुख्य द्वार के अलावा भवन के अंदर कई हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा है। करीबन सालभर पहले शुरू हुए भवन में कामकाज के बाद इस तरह के नुकसान से निर्माण की पोल खोलकर रख दी है।
बिजली के पोल और पेड़ टूटे
आंधी-तूफान की वजह से जिला मुख्यालय के सिंधौरी वार्ड में बिजली के पोल और पेड़ टूट गए। वार्ड में स्थित वृद्धाश्रम के समीप कई पेड़ टूट कर गिर पड़े, गनीमत रही की कोई जनहानि नहीं हुई। इसी तरह ग्राम मटका के अलावा शहर के अन्य हिस्सों में भी पेड़ और बिजली के पोल टूटने की घटना हुई है। आंधी-तूफान के दौरान अपने घरों में दुबके रहे लोग मौसम के शांत होने पर घर से बाहर निकल कर एक-दूसरे का हाल जानते नजर आए।
प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बंद कर दी गई
बेमेतरा तहसीलदार प्रवीण तिवारी ने बताया कि आंधी-तूफान की वजह से विवेकानंद स्टेडियम में हुए नुकसान का जायजा लेने गया था। नुकसान तो हुआ है। वृद्धाश्रम के पास भी पेड़ गिरने की जानकारी मिली है, लेकिन जनहानि नहीं हुई है। स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बंद कर दी गई है। व्यवस्था को सुधारने के लिए काम किया जा रहा है।