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चिटफंड कंपनी की ठगी के शिकार 30 ग्रामीण दस्तावेज लेकर पहुंचे थाना, मांगी निवेश की राशि

बेमेतरा में कार्यालय खोलकर छह साल में राशि दोगुना करने का झांसा देकर 200 से अधिक ग्रामीणों से की ठगी

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चिटफंड कंपनी की ठगी के शिकार 30 ग्रामीण दस्तावेज लेकर पहुंचे थाना, मांगी निवेश की राशि

बेमेतरा. छह साल में राशि दोगुना करने का झांसा देकर सैकड़ों ग्रामीणों से रकम वापस नहीं करने वाली भोपाल की चिटफंड कंपनी एनआईसीएल के डायरेक्टर अभिषेक सिंह चौहान के खिलाफ शनिवार को प्रभावितों ने सिटी कोतवाली में बयान दर्ज कराया है। मामले में चार आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें से दो सिहोर जेल में बंदी हैं, वहीं डायरेक्टर सहित एक अन्यआरोपी फरार है। चिटफंड कंपनी एनआईसीएल ने कम समय रमक दोगुना करने का लालच देकर लोगों की गाढ़ी कमाई को जमा कर फरार हो गई। जिन लोगों ने अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई कंपनी में जमा कराई है वे लोग अब कंपनीके ऑफिसको ढूंढते हुए घूम रहे हैं। शनिवार को चिटफंड कंपनी एनआईसीएल में रकम जमा करने वाले लोगों ने पुलिस को दस्तावेज सौंपकर रकम वापस दिलाने की मांग की है।
कलक्टर जनदर्शन में भी लगाई गुहार
सिटी कोतवाली से मिली जानकारी के अनुसार, चिटफंड कंपनी एनआईसीएल के खिलाफ 2017 में सवितादास मानिकपुरी और अन्य तीन लोंगो ने ठगी का मामला दर्ज कराया था। जिस पर पुलिस धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना कर रही है। थाने में मामले की जांच कर रहे केएस नेताम ने बताया कि एनआईसीएल में रकम जमा करने वाले लगभग 30 लोगों ने कंपनी में जमा किए गए रकम की रसीद और अन्य दस्तावेज जमा किए हैं।
डायरेक्टर सहित दो आरोपी फरार, दो सिहोर जेल में
चिटफंड कंपनी का हेड ऑफिस भोपाल में बताया गया है। कंपनी के डायरेक्टर अभिषेक सिंह चौहान भोपाल और फूलसिंह चौधरी ग्वालियर के रहने वाले हैं, जो फरार हैं। मामले में कुल 4 आरोपी हैं, जिनमें से दो आरोपी हरीश शर्मा प्रबंधक, साजापुर जिला एमपी व लखन सोनी कैशियर सिहोर जेल में बंदी हैं। जिन्हें न्यायालय में पेश करने के लिए प्रोडेक्शन वारंट जारी कराया गया था, पर सिहोर के न्यायालय में प्रकरण चलने के कारण आरोपियों का प्रत्यार्पण नहीं हो पाया है। इसी तरह की ठगी करने के मामले में स्थानीय पुलिस को भी उनकी तलाश है। इसके पहले एनआईसीएल में रकम जमा करने वाले लोगों ने कलक्टर जनदर्शन में पहुंचकर कंपनी से रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई थी।
6 साल में रकम दोगुना करने का दिया था झांसा
कंपनी से जुड़े एजेंटों ने निवेश या राशिजमा करने वाले ग्रामीणों को 6 वर्ष में रकम दोगुना करना का दावा किया था, जिस पर ग्राम चमारी की जमुना देवी मेहर ने 20 हजार रुपए जमा किया था। पीडि़ता ने बताया कि राशि दोगुना करना तो दूर अब पूछने तक नहीं आए हैं। इसी तरह गंगा बाई मेहर से 11 हजार, ईश्वरी साहू मरका से 14 हजार, रोमेश्वर साहू मुलमुला से 17 हजार, मोहित से 15 हजार, टेकराम मरका से 21 हजार, दानाराम मुंगेली से 21 हजार, मनहरण साहू से 25 हजार, सुनील साहू से 28 हजार, कुमार से 14 हजार, बसंती से 14 हजार, रेवती से 50 हजार रुपए जमा कराया गया है।
200 से अधिक लोगों ने जमा कराई है रकम
कंपनी के एजेंटों द्वारा शहर के पिकरी तालाब के करीब कार्यालय का संचालन किया जा रहा था, जो इन दिनों बंद पड़ा हुआ है। निवेशकर्ताओं ने जमा कराने के बाद दी गई रसीद व रकम लेने के बाद भोपाल की कंपनी द्वारा दिए गए बंाड पेपर की प्रति भी पुलिस को सौंपी है। कंपनी में ग्राम मरका, जेवरा, लोलेसरा, ढारा, खपरी, बाराडेरा सहित 30 गांवों के 200 से अधिक लोगों ने रकम जमा कराई है।
ग्रामीणों ने पेश किए दस्तावेज
बेमेतरा थाना प्रभारी राजेश मिश्रा ने बताया कि बीते वर्ष अप्रैल में 4 लोगों पर प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसमें से दो आरेापी को एमपी पुलिस ने गिरफतार किया गया था, दोनों सिहोर जेल मे बंदी है। वहीं दो आरेापी फरार हैं। ग्रामीण ने मामले में शनिवार को दस्तावेज प्रस्तुत किया है।