27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सिर्फ भाजपा नेता ही नहीं उनके बेटे को भी आता है गुस्सा, पढि़ए पूरी खबर

भाजपा नेता के बेटे और उसके तीन साथियों द्वारा सुपेला के एक डॉक्टर को कार में बैठाकर मारपीट करने का मामला सामने आया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भिलाई

•

image

Satya Narayan Shukla

•

Updated: 3 Jun 2018, 8:00 AM IST

Bhilai crime

सिर्फ भाजपा नेता ही नहीं उनके बेटे को भी आता है गुस्सा, पढि़ए पूरी खबर

भिलाई. भाजपा नेता के बेटे और उसके तीन साथियों द्वारा सुपेला के एक डॉक्टर को कार में बैठाकर मारपीट करने का मामला सामने आया है। इसके बाद उन्हें छोड़कर फरार हो गए। बताया जाता है कि इस मामले में राजनीतिक दबाव के चलते सुपेला पुलिस ने मारपीट की मामूली धाराएं २९४, ३२३,५०६, ३४ के तहत मामला दर्ज किया है। घटना शुक्रवार की शाम सुपेला चौक के पास की है। सुपेला पुलिस के मुताबिक दंत रोग विशेषज्ञ डॉ.सोहिल जैन का सुपेला में कमला मेडिकल के पास क्लीनिक है। जिला भाजपा में संगठन के बड़े नेता का बेटा मनोज तिवारी शुक्रवार को अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ डॉ. जैन के क्लीनिक इलाज कराने पहुंचा था।

डॉ. जैन को फोनकर सुपेला चौक के पास बुलवाया
बाद में देर शाम डॉ. जैन को फोनकर सुपेला चौक के पास बुलवाया। मनोज और उसके साथी डॉ. जैन की कार में जबरन बैठ गए और उनसे मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद डॉ. जैन को छोड़कर वे फरार हो गए। इस घटना से डॉ. जैन एवं उनके परिजन दहशत में हंै। अस्पताल में अपना इलाज कराने के बाद शनिवार की शााम सुपेला थाना पहुंचे। बताया गया कि पूरी घटना बताने के बाद भी पहले तो पुलिस भाजपा नेता के बेटे और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने में आनकानी करती रही। बाद में रिपोर्ट दर्ज की भी तो मामूली धाराएं लगाई।

आरोपी के पिता का नाम बताने से किया इनकार, एफआईआर को ऑनलाइन भी नहीं किया
सुपेला पुलिस पहले तो ऐसी किसी घटना से साफ इनकार करती रही। पत्रिका ने जब थाना जाकर घटना की जानकरी मांगी तो पुलिस अधिकारी एक-दूसरे पर टालमटोल करते रहे। बड़ी मशक्कत के बाद घटना की जानकारी दी, लेकिन आरोपी के पिता का नाम बताने से इनकार कर दिया। ड्यूटी अफसर ने कहा कि टीआई साहब से बात कर लो। टीआई अमित बेरिया ने फोन ही नहीं उठाया। पुलिस रोज दर्ज होने वाली एफआइआर को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करती है, लेकिन रात एक बजे तक भी यह मामला अपलोड नहीं हुआ था।