बेमेतरा

यहां एक पल के लिए किताबों की दुनिया में खो गए लोग, पलटते रहे पन्ने

भागमभाग जीवन में किताबों से लोगों के जुड़ाव को बनाए रखने अजीम प्रेम जी फाउंडेशन प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को पुस्तक मेले का आयोजन करता है।
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Updated: 20 Feb 2018, 8:00 AM IST
Book Fair at Berla
Book Fair at Berla

बेमेतरा/बेरला. आदि काल से ही मनुष्य को किताबों से ज्ञान मिलता रहा है आज भी किताब पढऩे वालों की कमी नहीं है। लेकिन कुछ वर्षों से कंप्यूटर व मोबाइल के जीवन का हिस्सा बन जाने से लोग किताबों से दूर हो गए हैं। इस भागमभाग जीवन में किताबों से लोगों के जुड़ाव को बनाए रखने अजीम प्रेम जी फाउंडेशन द्वारा शासकीय पूर्व माध्यमिक बालिका विद्यालय के पास प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को एक दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन किया जाता है।

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की पहल

फाउंडेशन से जुड़े अमित, जौवन व विजय बताते हैं कि इस पुस्तक मेले का उद्देश्य लोगों को पुस्तकों तक ले जाना है। इसके अलावा स्कूल में फाउंडेशन की ओर से संचालित लाइब्रेरी से किसी भी दिन लोग पुस्तक नि:शुल्क ले जा सकते हैं। पुस्तक मेले व पुस्तकालय में हर तरह की पुस्तक मौजूद रहती है, जिसमें धर्म, शिक्षा, विज्ञान, दर्शन शास्त्री, कहानी, उपन्यास, गजल, राजनीति, जासूसी सहित अन्य श्रेणियों की पुस्तकें शामिल हैं। लोग अपनी-अपनी रुचि के हिसाब से पुस्तक पढ़ सकते हैं।

किताबों में नजर आई विविधता

मेले में मौजूद किताबों के पन्ने पलट रहे युवा युधिष्ठिर साहू ने बताया कि किताब एक अलग तरह की अहसास पैदा करते हैं। इसमें टीवी या मोबाइल की तरह क्षणिक मनोरंजन नहीं बल्कि जीवन को दिशा देने वाला ज्ञान छिपा होता है। इस तरह से मेले का आयोजन वाकई सराहनीय है। रविश चौहान बताते हैं कि पहले सोच रहा था कि आमतौर पर लगाए जाने वाले पुस्तक मेले जैसा ही होता, लेकिन किताबों को देखने के बाद विविधता की जानकारी मिल रही है। आने वाले दिनों में लाइब्रेरी में जाकर किताब लेकर पढ़ूंगा।

समाज को देते हैं दिशा - डॉ पाटकर

राष्ट्रपति पुस्कार से सम्मानित डॉ. राजेंद्र पाटकर पुस्तक मेले की सहारना करते हुए कहते हैं कि किताब मानसिक विकास का कारक है। किताब समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। वहीं संकुल समन्वयक सुरेंद्र पटेल कहते हैं कि किताबों से अच्छा कार्य करने की दिशा मिलती है। जब भी समय मिले, किताब पढऩा चाहिए। सभी को किताब पढऩा चाहिए।

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