
Bemetara Child theft case: बेमेतरा जिले के नवागढ़ क्षेत्र में दो अज्ञात महिलाओं के नवजात शिशु ले जाने की सनसनीखेज कहानी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देश पर हुई जांच में सामने आया कि महिला ने परिवार की नजरों में गलत साबित होने से बचने के लिए प्रसव की झूठी कहानी गढ़ी थी। चिकित्सकीय जांच में सच सामने आने पर पुलिस ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के आरोप में महिला के खिलाफ बीएनएस धारा 217 के तहत वैधानिक कार्रवाई की है।
मामला थाना नवागढ़ अंतर्गत ग्राम जेवरा-एस का है, जहां पर आवेदक ने 04 अक्टूबर 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। प्रार्थिया ने बताया कि 03 अक्टूबर को जब घर के सदस्य बाहर गए थे, तब दो अज्ञात महिलाओं ने उसका प्रसव कराया और नवजात बच्चे को अपने साथ लेकर चली गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी त्रिलोक बंसल, एएसपी डॉ. हरीश यादव और एसडीओपी भूषण एक्का के नेतृत्व में पुलिस टीम तथा फॉरेंसिक एक्सपट्र्स ने मौके की जांच की और अज्ञात महिलाओं की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया।
बेमेतरा एसपी तिलोक बंसल ने बताया विवेचना के दौरान पुलिस की लगातार मौजूदगी और गांव में गहन पूछताछ से महिला पर दबाव बना। सूक्ष्म जांच में सामने आया कि विवाह के बाद महिला का पूर्व में तीन बार गर्भपात हो चुका था। परिवार के लोग उसे गलत न समझें, इस आशंका से उसने फरवरी 2026 में पुन: गर्भपात होने के बाद भी खुद को गर्भवती बताना जारी रखा। पेट बड़ा दिखाने के लिए वह साड़ी को दोहरा मोडक़र पहनती थी। घटना के दिन उसने शरीर पर आलता-माहुर रंग लगाकर प्रसव की झूठी स्थिति दर्शाई और परिजनों के लौटने पर बच्चा ले जाने की मनगढ़ंत कहानी सुना दी।
पुलिस के कराई गई चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट में घटना दिनांक के आसपास महिला के गर्भवती होने या प्रसव होने की कोई पुष्टि नहीं हुई। परिजनों और ग्रामीणों की उपस्थिति में हुई पूछताछ में महिला ने अपना अपराध और झूठी कहानी गढऩे की बात स्वीकार कर ली। संपूर्ण विवेचना के बाद झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने पर महिला के विरूद्ध बीएनएस की धारा 217 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के साथ बेमेतरा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी घटना के संबंध में हमेशा सही और तथ्यात्मक जानकारी ही पुलिस को दें तथा मिथ्या रिपोर्ट दर्ज कराने से बचें।