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बेमेतरा में बंदरों को भगाने के लिए चली बंदूक, 22 बंदरों की मौत का आरोप, ग्रामीणों ने की शिकायत

Monkey Death Case: बेमेतरा के देवगांव में 22 बंदरों की मौत का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने फसल की रखवाली के लिए रखे व्यक्ति पर बंदूक चलाने का आरोप लगाते हुए रेंजर से शिकायत की है।
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Bemetara Monkey Death

बंदूक से 22 बंदरों की मौत का आरोप (Photo Source- Patrika Create)

Bemetara Monkey Death: बेमेतरा जिले के दाढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम देवगांव में बंदरों की मौत का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों और फसलों की रखवाली के लिए रखे गए एक व्यक्ति ने बंदरों को भगाने के दौरान बंदूक से फायरिंग की। इस घटना में करीब 22 बंदरों की मौत होने की बात कही जा रही है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग के रेंजर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

Bemetara News: बंदर भगाने के लिए रखी थी रखवाली की जिम्मेदारी

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में फसलों को बंदरों से बचाने और खेतों की निगरानी के लिए एक व्यक्ति को रखवार के तौर पर रखा गया था। उसका काम बंदरों को खेतों से दूर भगाना और फसल की रखवाली करना था। आरोप है कि इसी दौरान बंदरों को भगाने के लिए बंदूक का इस्तेमाल किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों को भगाने के लिए रखे गए व्यक्ति ने कथित तौर पर गोली चला दी। इसके बाद बड़ी संख्या में बंदरों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने करीब 22 बंदरों के मारे जाने का दावा किया है।

ग्रामीणों ने उठाए सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि रखवार को फसल और खेतों की सुरक्षा के लिए रखा गया था, न कि वन्यजीवों को मारने के लिए। ग्रामीणों ने वन विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों की ओर से रेंजर को की गई शिकायत में बंदरों की मौत की जानकारी देते हुए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बंदरों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

वन विभाग से कार्रवाई की मांग

बंदरों की मौत की शिकायत वन विभाग तक पहुंचने के बाद अब मामले की जांच की मांग उठ रही है। ग्रामीण चाहते हैं कि मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली जाए और मृत बंदरों की संख्या तथा उनकी मौत के कारणों की पुष्टि की जाए। फिलहाल ग्रामीणों के आरोपों के आधार पर मामला सामने आया है। बंदरों की मौत को लेकर वन विभाग की जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।