
पुलिस की टीम परिजनों से पूछताछ करते हुए ( Photo - Patrika )
Chhattisgarh News: बेमेतरा जिले के नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र स्थित संबलपुर चौकी अंतर्गत ग्राम जेवरा एस से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां प्रसव के बाद नवजात शिशु संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि घर में अकेली प्रसूता को दो अज्ञात महिलाओं ने प्रसव कराने का झांसा देकर संदिग्ध नशीली दवाई पिला दी, जिससे वह अचेत हो गई। इसके बाद आरोपी महिलाएं प्रसव कराकर नवजात को लेकर फरार हो गईं।
बेमेतरा एसपी त्रिलोक बंसल ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तीन विशेष जांच टीमों का गठन किया है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया है। घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए पीड़िता की सास मूर्तिया बाई ने बताया कि 3 अक्टूबर की दोपहर करीब एक से दो बजे के बीच उनकी बहू के पेट में अचानक तेज दर्द उठा था। उस वक्त घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था; पति मवेशी चराने बाहर गया था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य रिश्तेदार के कार्यक्रम में दूसरे गांव गए थे। दर्द से कराहती महिला की आवाज सुनकर लाल कपड़े पहने एक अज्ञात महिला घर के दरवाजे पर पहुंची। उसने मदद का झांसा देकर एक अन्य महिला को बुला लिया और पीड़िता को ग्लास में कोई संदिग्ध दवाई घोलकर पिला दी, जिसके तुरंत बाद पीड़िता बेहोश हो गई।
दवा के असर से जब पीड़िता को कुछ समय बाद होश आया, तो नवजात गायब था और कपड़ों पर खून के निशान थे। घर लौटे परिजनों ने पीड़िता की बिगड़ी हालत देखकर तत्काल उसे डॉक्टरी जांच व सोनोग्राफी के लिए अस्पताल पहुंचाया। मामले की सूचना मिलते ही संबलपुर पुलिस चौकी की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
एसडीओपी भूषण एक्का ने बताया कि महिला के घर में किसी के नहीं होने के दौरान दो महिलाएं पहुंची थीं। प्रसव के बाद महिला बेहोश हो गई और होश आने पर नवजात गायब मिला। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के गांवों, संभावित रास्तों और संदिग्ध महिलाओं की पहचान के लिए जानकारी जुटा रही है। साथ ही घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों महिलाएं कौन थीं और वे नवजात को अपने साथ क्यों ले गईं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि घटना पूर्व नियोजित थी या परिस्थितियों का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
परिजनों की शिकायत के अनुसार, महिलाओं ने महिला की मदद करने की बात कही और उसे कुछ पेय पदार्थ या दवा पिलाई। इसके बाद वह बेहोश हो गई। इसी दौरान महिलाओं ने प्रसव कराया। होश में आने पर महिला ने खुद को अकेला पाया और नवजात वहां नहीं था। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर गए।
पीड़िता की सास मूरतिया बाई ने पुलिस को बताया कि गेट के पास लाल साड़ी पहने एक महिला दिखाई दी थी। इसके बाद दो महिलाओं ने बहू को खाट से उठाया और पेट दर्द ठीक करने के नाम पर गिलास में कुछ घोलकर पिलाया। हालांकि महिला को वास्तव में क्या पदार्थ दिया गया था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
Updated on:
06 Oct 2026 10:43 am
Published on:
06 Oct 2026 10:43 am
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