Bemetara News: बेमेतरा में धार्मिक शोभायात्रा के दौरान चाकूबाजी में घायल 22 वर्षीय युवक ने इलाज के दौरान बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में दम तोड़ दिया।
CG News: बीते दिनों बेमेतरा में आयोजित धार्मिक शोभा यात्रा में चाकूबाजी के दौरान घायल हुए 22 वर्षीय युवक की बिलासपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक अमन पिता सुशील धु्रव शहर के वार्ड क्रमांक 16 का रहने वाला है। फिलहाल प्रकरण में सिटी कोतवाली में अपराध पंजीबद्ध नहीं किया गया है। बेमेतरा पुलिस के अनुसार मर्ग डायरी मिलने के बाद ही अपराध पंजीबद्ध किया जाएगा। मामला प्रथम दृष्टया हत्या का प्रतीत होता है। परिवारजनों ने युवक के हत्या की आशंका जताई है।
उल्लेखनीय है कि मृतक 3 अप्रैल को शहर में आयोजित धार्मिक शोभा यात्रा में शामिल होना कह कर घर से निकला था। रात्रि करीब 10.45 बजे शोभा यात्रा का प्रताप चौक के पास पहुंचने पर भीड़ में शामिल अज्ञात व्यक्ति ने मृतक के दाहिने ओर कमर के ऊपर धारदार हथियार से हमला कर दिया।
इस दौरान शोभायात्रा में भारी भीड़ होने की वजह से किसी को कुछ पता नहीं चल पाया। हादसे में घायल युवक के बड़े भाई को प्रत्यक्षदर्शियों ने फोन पर हादसे की सूचना दी। इसके बाद मृतक के बड़े भाई मनीष धु्रव ने घटनास्थल पहुंचकर अपने भाई को घायल हालत में रायपुर मार्ग स्थित निजी अस्पताल में लेकर पहुंचा। यहां प्राथमिक उपचार करने के पश्चात वे मृतक को अपने घर ले आए। इलाज के दौरान अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने परिजनों को सोनोग्राफी समेत अन्य जांच कराने कहा, लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया और मृत को घर लेकर लौट गए।
मृतक के पिता ने बताया कि 3 अप्रैल की रात इलाज के बाद 4 और 5 अप्रैल की शाम तक उसके बेटे की तबीयत ठीक थी। 5 तारीख की रात को तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर की लिखी दवाइयां दी, लेकिन दर्द कम नहीं होने पर 6 अप्रैल सुबह 8 बजे जिला अस्पताल इलाज के लिए लेकर पहुंचे। यहां सोनोग्राफी करने के पश्चात डॉक्टर ने गंभीर चोट होना बताकर जिला अस्पताल में इलाज संभव नहीं होने के कारण रेफर किया।
इलाज के लिए युवक को बिलासपुर स्थित सिम्स हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान सोमवार रात करीब 10 बजे युवक की मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम पश्चात युवक के शव को बेमेतरा वार्ड क्रमांक 16 स्थित निवास लाया गया। इस प्रकरण में गंभीर पहलू यह है कि बेमेतरा से लेकर बिलासपुर में इलाज के दौरान परिजनों ने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। यहां परिजनों ने घटना दिनांक को मृतक का इलाज जिला अस्पताल में ना कर कर निजी अस्पताल में कराया।
निजी अस्पताल में भी डॉक्टर को सड़क हादसे में घायल होना बताया। इसके बाद 6 अप्रैल को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाने के दौरान भी पुलिस को किसी भी प्रकार की सूचना नहीं दी गई। इस प्रकरण में परिवारजनों की घोर लापरवाही सामने आ रही है। स्पष्ट है कि यहां परिवारजन किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए पुलिस को सूचना नहीं दी, युवक की मौत के बाद बेमेतरा पुलिस को घटना की जानकारी मिली।
मंगलवार को जब युवक की शव यात्रा निकली तो वार्ड में शोक की लहर थी। जवान बेटे को खो चुकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार और मोहल्ले के लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
मृतक के पिता के अनुसार घटना के बाद युवक होश में था, लेकिन वह हमलावर को पहचान नहीं पाया। उसने इतना बताया कि भीड़ में किसी अनजान व्यक्ति ने उस पर हमला किया है। चूंकि परिजनों ने समय रहते पुलिस को सूचना नहीं दी और न ही जिला अस्पताल में एमएलसी हुई, इसलिए युवक का मृत्यु पूर्व बयान दर्ज नहीं किया जा सका।
सिटी कोतवाली पुलिस ने कहा, वर्तमान में मामला मर्ग के तहत है। बिलासपुर से मर्ग डायरी मिलने के बाद ही औपचारिक रूप से हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों व निजी अस्पताल के रिकॉर्ड को जांच सकती है जहां शुरु में युवक को ले जाया गया था।