भदोही

विजय मिश्रा के गढ़ में बाहुबली रमाकांत यादव को लगा अब तक का सबसे बड़ा झटका

जब्त हो गयी जमानत, कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लडऩा पड़ा महंगा

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May 24, 2019
Bahubali Ramakant Yadav and Vijay Mishra
Bahubali Ramakant Yadav and Vijay Mishra

वाराणसी. सपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को चुनौती देने वाले बाहुबली रमाकांत यादव के लिए लोकसभा चुनाव 2019 बेहद खराब रहा। पहली बार आजमगढ़ छोड़ कर अन्य जिलों में चुनाव लडऩे गये रमाकांत यादव को सबसे करारी हार मिली है। बाहुबली विजय मिश्रा का गढ़ माने जाने वाली भदोही सीट पर रमाकांत यादव की जमानत तक जब्त हो गयी है।
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पूर्वांचल में बाहुबली रमाकांत यादव किसी परिचय के मोहताज नहीं है। आजमगढ़ से चार बार के सांसद व चार बार के विधायक रहे रमाकांत यादव ने संसदीय चुनाव 2014 में मुलायम सिंह यादव को खुली चुनौती दी थी। चुनाव में भले ही रमाकांत यादव हार गये थे लेकिन मुलायम सिंह यादव को चुनाव जितने में बहुत परेशानी हुई थी। संसदीय चुनाव 2019 में जब मायावती व अखिलेश यादव ने गठबंधन किया था और खुद अखिलेश यादव आजमगढ़ से चुनाव लडऩे का ऐलान किया था तो रमाकांत यादव को लगा था कि उन्हें बीजेपी से टिकट मिल जायेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के चलते बीजेपी ने अपने पूर्व सांसद का टिकट काट कर दिनेश लाल यादव निरहुआ को प्रत्याशी बना दिया था इससे नाराज होकर रमाकांत यादव ने बीजेपी छोड़ कर कांग्रेस को दामन थाम लिया था। कांग्रेस ने रमाकांत यादव को भदोही से प्रत्याशी बनाया था। उस समय माना जा रहा था कि बाहुबली रमाकांत यादव के आने से भदोही लोकसभा चुनाव में जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल सकता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस से चुनाव लडऩा रमाकांत यादव को भारी पड़ा और अब तक सबसे कम वोट पाये।
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रमाकांत यादव को मिले मात्र 2.46 प्रतिशत वोट
रमाकांत यादव को भदोही में मात्र 2.46 प्रतिशत वोट मिले। बीजेपी प्रत्याशी रमेश चंद्र को सबसे अधिक 510029 लाख वोट मिले थे जबकि इसके बाद महागठबंधन से बसपा प्रत्याशी व पूर्व मंत्री रहे रंगनाथ मिश्रा को 466414 मत मिले थे। बाहुबली रमाकांत यादव को 25508 मत मिले। इससे साफ हो जाता है कि आजमगढ़ के बाहर रमाकांत यादव की ताकत नहीं दिखायी दी और चुनाव में अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है।
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Published on:
24 May 2019 07:49 pm