भदोही जिले की ज्ञानपुर विधानसभा सीट से पूर्व बाहुबली विधायक विजय मिश्रा (Former MLA Vijay Mishra) को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने विजय मिश्रा (Vijay Mishra) पर जुर्माना भी लगाया है। क्या है पूरा मामला, आइए जानते हैं…
Vijay Mishra Life imprisonment: प्रयागराज की MP-MLA कोर्ट ने 46 साल पुराने हत्या मामले में भदोही जिले की ज्ञानपुर सीट से पूर्व बाहुबली विधायक विजय मिश्रा (Former Bahubali MLA Vijay Mishra) समेत 4 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। MP-MLA कोर्ट के जज योगेश कुमार तृतीय ने विजय मिश्रा, जीत नारायण, संतराम मिश्रा और बलराम मिश्रा को उम्रकैद सजा के साथ प्रत्येक पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
MP-MLA कोर्ट के न्यायाधीश योगेश कुमार तृतीय ने मंगलवार को बहुचर्चित मामले का फैसला सुनाते हुए विजय मिश्रा, जीत नारायण, संतराम और बलराम को हत्या का दोषी करार दिया था। कोर्ट ने आज दोषियों को सजा सुनाई है। यह मामला 11 फरवरी 1980 का है, जब इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के 35 वर्षीय छात्र प्रकाश नारायण पांडेय की जिला अदालत परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
वारदात के बाद मृतक के बड़े भाई श्याम नारायण पांडेय ने कर्नलगंज पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई थी। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 46 वर्ष बाद कोर्ट ने आरोपियों को दोषी माना। इस केस की सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि इस हाई-प्रोफाइल केस की पत्रावली गायब कर दी गई थी, ताकि आरोपियों को सजा से बचाया जा सके।
ज्ञानपुर विधानसभा सीट से पूर्व बाहुबली विधायक विजय मिश्रा पर 70 से अधिक केस दर्ज हैं। विजय मिश्रा पर हत्या, हत्या का प्रयास, शस्त्र अधिनियम, गैंगस्टर, गुंडा, अपहरण, खनिज अधिनियम समेत 70 से ज्यादा मुकदमे हैं। इसमें प्रयागराज के जार्जटाउन, हंडिया, उतरांव, सरायममरेज, फूलपुर, कोतवाली, सिविल लाइंस, वाराणसी के भेलूपुर, भदोही, गोपीगंज, औराई, कोईरौना, ज्ञानपुर, मीरजापुर के कोतवाली देहात, मेरठ व शिवपुर हावड़ा में दर्ज मुकदमे शामिल हैं। हालांकि, विजय मिश्रा कई मुकदमों में दोषमुक्त हो चुके हैं। इसके अलावा कुछ मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लग गई और कुछ विचाराधीन हैं।