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Shardiya Navratra 2026: किस्मत बदल सकता है नवरा​त्र का पहला दिन, 3 राशिवालों को मिल सकती है संपत्ति

Shardiya Navratra 2026 : नवरा​त्र के प्रारंभिक दिन गजकेसरी योग और चित्रा नक्षत्र का संयोग, 11 अक्टूबर को अत्यंत श्रेष्ठ दिन बनाया
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Oct 02, 2026
navratri 2026
navratri 2026 - image AI Grok

Shardiya Navratra 2026: देशभर में मां दुर्गा की आराधना के सबसे बड़े पर्व शारदीय नवरात्रि का उल्लास अब दिखाई देने लगा है। मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं और घरों में भी घटस्थापना की तैयारियां की जा रही हैं। धार्मिक मान्यताओं के लिहाज से इस बार की नवरात्रि को विशेष माना जा रहा है। शारदीय नवरात्रि का आरंभ 11 अक्टूबर यानि रविवार से होगा। रविवार से शुरू होने के कारण इस बार नवरात्रि में मां दुर्गा का आगमन गज यानी हाथी पर माना गया है। इसे बेहद शुभ बताया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि नवरा​त्र के प्रारंभिक दिन गजकेसरी योग और चित्रा नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है। ग्रहों और नक्षत्र का यह मेल 11 अक्टूबर को अत्यंत श्रेष्ठ दिन बना रहा है। शुभ योगों के कारण इस दिन कुछ राशियों को धनसंपत्ति के साथ प्रतिष्ठा भी प्राप्त हो सकती है। कर्क राशि, धनु राशि और मीन राशिवालों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि इस बार की नवरात्रि ज्यादा शुभ, शक्तिदायक, स्थिरता और समृद्धि कारक रहेगी। धार्मिक परंपरा के अनुसार देवी का रविवार को आगमन शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है।

पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि इस बार नवरात्रि पर अनेक शुभ योग बन रहे हैं। मां दुर्गा अधिकांश लोगों के लिए सुख, समृद्धि, वैभव, ऐश्वर्य लेकर आएंगी। पंडित जगदीश शर्मा के अनुसार नवरात्रि के प्रारंभिक दिन की कुंडली में चंद्र और गुरु केंद्र में विराजमान रहेंगे। इस लिहाज से 11 अक्टूबर को गजकेसरी योग बनेगा। यह योग धन संपत्ति के साथ मान सम्मान भी प्रदान करता है। इसके साथ ही नवरात्र प्रतिपदा को चित्रा नक्षत्र रहेगा। ग्रह और नक्षत्रों के इस मेल से भी यह दिन अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है।

कर्क राशि, धनु राशि और मीन राशिवालों को खासा लाभ

ज्योतिषाचार्य पंडित अरुण बुचके बताते हैं कि गजकेसरी योग का सभी लोगों को शुभ फल मिलेगा। खासतौर पर कर्क राशि, धनु राशि और मीन राशिवालों को धनलाभ व प्रतिष्ठा प्राप्त हो सकती है।

नवरात्र की महाअष्टमी और महा नवमी एक ही दिन

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार, 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी। नवरात्रि में प्रतिपदा के दिन घटस्थापना या कलश स्थापना करने का विशेष महत्व है। दुर्गा पूजा के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। इस बार अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन 19 अक्टूबर को होगी। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर यज्ञ हवन कर कन्या पूजन और भोज कराया जाता है।

Updated on:
02 Oct 2026 01:46 pm
Published on:
02 Oct 2026 01:46 pm