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धन संपत्ति बढ़ा सकता है शुक्रवार का दिन, शाम को करें लक्ष्मीजी की पूजा

Laxmi puja धन संपत्ति बढ़ा सकता है शुक्रवार 3 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजन, गजलक्ष्मी की होती है पूजा, शाम को शुभ मुहूर्त में करना चाहिए पूजा
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Oct 03, 2026
laxmiji
laxmiji- AI Grok

श्राद्ध पक्ष में इन दिनों जहां पितरों का तर्पण किया जा रहा है वहीं इसी अवधि में लक्ष्मी पूजन का भी विशेष अवसर आता है। पितृपक्ष में अष्टमी तिथि इसके लिए नियत है। इस दिन गज लक्ष्मी स्वरूप की पूजा की जाती है। इसे महालक्ष्मी पूजा भी कहा जाता है। माना जाता है कि विधिपूर्वक गजलक्ष्मी पूजा करने से जीवन में धन धान्य की कोई कमी नहीं रहती है। महालक्ष्मी पूजा शाम को शुभ मुहूर्त में करना चाहिए जोकि बहुत फलदायी होती है।

महालक्ष्मी पूजा आज

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि इस बार महालक्ष्मी पूजा व्रत 3 अक्टूबर यानि शुक्रवार को है। आज शाम को लक्ष्मी पूजा की जाएगी।

महालक्ष्मी पूजा के दिन हाथी पर विराजमान लक्ष्मीजी की विधि-विधान से पूजा करना चाहिए। देवी लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए हवन भी करें। महालक्ष्मी व्रत का उद्यापन कर कलश विसर्जन शुभ मुहूर्तों में ही करना चाहिए।

श्राद्ध के साथ ही महालक्ष्मी पूजा का संयोग

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर बताते हैं कि 3 अक्टूबर को अष्टमी श्राद्ध के साथ ही महालक्ष्मी पूजा का संयोग है। इस दिन शाम को गजलक्ष्मी पूजा की जाती है। इससे परिवार में सुख समृद्धि आती है।

ऐसे करें गजलक्ष्मी पूजा

माता गजलक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं। रोली, अक्षत (चावल), हल्दी, कुमकुम लगाएं। लक्ष्मीजी को कमल या गुलाब के फूल अर्पित करें। महालक्ष्मी पूजन में 16 वस्तुओं का महत्व है, उन्हें 16 श्रृंगार सामग्री अर्पित करें। गजलक्ष्मीजी को सफेद मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद आरती करें।

शुक्रवार के कारण ज्यादा फलदायी

लक्ष्मीजी को शुक्रवार का दिन प्रिय है। आज ही गजलक्ष्मी पूजन है जिससे यह ज्यादा फलदायी साबित हो सकती है।

गज लक्ष्मी पूजा
गोधूलि बेला का मुहूर्त:
शाम 06:05 बजे से शाम 07:18 बजे तक
प्रदोष काल (दीपदान और कथा):
शाम 06:05 बजे से रात 08:32 बजे तक

Updated on:
03 Oct 2026 01:42 pm
Published on:
03 Oct 2026 01:42 pm