Iran-Israel War: वेस्ट एशिया संकट के बीच भारत ने एलपीजी आयात बढ़ाया, उर्वरक क्षेत्र को 90% गैस आवंटन और डिजिटल बुकिंग से सप्लाई की मजबूती।
LPG Supply: दुनिया भर में जारी तेल-गैस संकट के बीच भारत सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए एलपीजी गैस का आवंटन बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दिया गया है, साथ ही इस सप्ताह देश को 62,000 टन से अधिक एलपीजी के दो बड़े कार्गो मिलने वाले हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश के 33.2 करोड़ से ज्यादा घरों में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की यह मुस्तैदी सुनिश्चित करेगी कि ताकि वेस्ट एशिया के युद्ध का असर भारत के घरों और खेतों तक न पहुंचे।
सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMC) हर संभव स्रोत से कच्चा तेल, LPG और एलएनजी की खरीद कर रही हैं। ग्रीन सानवी और ग्रीन आशा नामक दो जहाज, जिनमें क्रमश 46,500 और 15,500 टन LPG है, सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति फिलहाल पर्याप्त है, हालांकि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सरकार ने वेस्ट एशिया में 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल प्लांट्स को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया था, जिससे घरेलू उत्पादन में 40% तक वृद्धि हुई है। भारत अपनी 60% LPG जरूरत आयात करता है, जिसमें से 90% वेस्ट एशिया से आता है, खासकर कतर से।
उर्वरक उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस ईंधन और कच्चे माल दोनों के रूप में काम करती है। पहले इस क्षेत्र को 70-75% गैस मिल रही थी, जिसे अब बढ़ाकर 90% कर दिया गया है। यह फैसला किसानों के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, कमर्शियल उपभोक्ताओं जैसे होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्टल को फिलहाल उनकी जरूरत का लगभग 70% गैस ही दी जा रही है। सरकार का फोकस घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने पर है। पिछले तीन हफ्तों में करीब 79,900 टन कमर्शियल LPG की बिक्री हुई है, जो लगभग 42 लाख सिलेंडर के बराबर है।
सरकार ने LPG वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल सिस्टम को मजबूत किया है। वर्तमान में 97% रिफिल बुकिंग ऑनलाइन हो रही है और 90% डिलीवरी डिलीवरी एक्टिवेशन कोड के जरिए की जा रही है, जिससे कालाबाजारी और डायवर्जन पर रोक लगी है। इसके अलावा, 5 किलो फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर, जो छात्रों और प्रवासी मजदूरों के लिए उपयोगी है, बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। पिछले 14 दिनों में 6.75 लाख से अधिक रिफिल की बिक्री हुई है। दिल्ली में इन सिलेंडरों की कीमत 549 रुपये है।
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