
जयपुर। भरतपुर के अभय कमांड सेंटर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश मीणा को सरकार ने देर रात एपीओ कर दिया है। पुलिस संयुक्त शासन सचिव मनीष गोयल ने देर रात इसके आदेश जारी किए। इस आदेश के जारी होने के बाद राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चाएं होने लगी कि सत्य प्रकाश मीणा को भरतपुर में हुए कार्यक्रम के दौरान नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल से हाथ मिलाने के कारण एपीओ किया गया है। हालांकि, इसके पीछे की सच्चाई कुछ और ही है।
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक सत्यप्रकाश पुत्र हरिराम मीणा आरपीएस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभय कमाण्ड सेन्टर भरतपुर को प्रशासनिक कारणों से आगामी आदेश तक पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा (एपीओ) में किया जाता है। सत्यप्रकाश आगामी आदेशों तक अपनी उपस्थिति कार्यालय महानिदेशक पुलिस जयपुर में देंगे।
इधर, एडिशनल एसपी सत्य प्रकाश मीणा के एपीओ होने की खबर ने सोशल मीडिया पर हलचल बढ़ा दी है। एडिशनल एसपी सत्य प्रकाश मीणा के एपीओ होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे हनुमान बेनीवाल कनेक्शन से जोड़कर पेश किया जा रहा है। यूजर्स लिख रहे है कि हनुमान बेनीवाल से भरतपुर में हाथ मिलाने वाले एडिशनल एसपी सत्यप्रकाश मीणा रातों रात एपीओ कर दिया गया है। लेकिन, एडिशनल एसपी सत्य प्रकाश मीणा को एपीओ करने के पीछे वजह कुछ और ही है।
दरअसल, हाल ही में शहर की पॉश रेजिडेंसी कॉलोनी में महिलाओं के साथ कथित तौर पर अभद्रता के आरोप भरतपुर के अभय कमांड सेंटर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश मीणा पर लगे थे। महिलाओं ने हंगामा भी किया था। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा गया था। हालांकि इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं कराया गया था। लेकिन, स्थानीय लोगों ने जांच की मांग की थी। शिकायत जब एसपी और आईजी तक पहुंची तो जांच की गई और रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय जयपुर भेजी गई। पीएचक्यू भेजी गई रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि हुई थी। माना जा रहा है कि इसी बजह से सत्य प्रकाश को एपीओ किया गया है।
बता दें कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो व सांसद हनुमान बेनीवाल सोमवार को भरतपुर के नुमाइश मैदान में हुई जाट आरक्षण रैली में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान एडिशनल एसपी सत्य प्रकाश मीणा ने सांसद हनुमान बेनीवाल से हाथ मिलाया था। इसके बाद देर रात ही सरकार ने एडिशनल एसपी सत्य प्रकाश मीणा को एपीओ कर दिया। ऐसे में सोशल मीडिया पर यही कहा जा रहा है कि हनुमान बेनीवाल से हाथ मिलाने वाले एडिशनल एसपी सत्य प्रकाश मीणा को रातों रात एपीओ कर दिया गया है।
मीणो को एपीओ करने के बाद लादूराम गोदारा नाम के यूजर ने एक्स पर लिखा कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ केवल इसलिए कार्रवाई की गई कि उन्होंने एक जनप्रतिनिधि से हाथ मिलाया, तो यह बेहद चिंताजनक विषय है। लोकतंत्र में किसी जनप्रतिनिधि से हाथ मिलाना या सामान्य शिष्टाचार निभाना कोई अपराध नहीं है। ऐसी कार्रवाई निष्पक्ष प्रशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रश्नचिह्न खड़े करती है। सरकार को इस मामले में स्पष्टता लानी चाहिए, क्योंकि इस प्रकार की घटनाएं यह संदेश देती हैं कि राजनीतिक विरोध के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।