Bharatpur : भरतपुर के हलैना में जनगणना की ड्यूटी के बाद शिक्षक भवानी सिंह घर लौटे तो उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिस पर उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
Bharatpur : राजस्थान के भरतपुर जिले के हलैना कस्बे में एक शिक्षक की अचानक हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। शिक्षक भवानी सिंह पुत्र हेमाराम जाट (39 वर्ष) मूल रूप से झुंझुनू जिले के नवलगढ़ तहसील के ढाका की ढाणी गांव के रहने वाले थे। अभी फिलहाल उनकी पोस्टिंग हलैना क्षेत्र में थी। वे बेवर स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में अध्यापन कार्य कर रहे थे।शिक्षक भवानी सिंह की जनगणना में ड्यूटी लगी हुई थी। 28 मई को जनगणना का काम करके वह अपने घर पर लौटे। यहां उन्होंने किराए का मकान ले रखा था। घर आने के कुछ ही देर बाद भवानी सिंह को बैचेनी महसूस होने लगी। जिस के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
इसकी जानकारी मकान मालिक और पड़ोसियों को लगी तो वह तत्काल उन्हें कस्बे के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए लेकर आए। अस्पताल में चिकित्सकों ने तुरंत जांच शुरू की। पर कोई हरकत न मिलने पर चिकित्सकों ने भवानी सिंह को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने मौत की प्राथमिक वजह हार्ट अटैक बताया है। शिक्षक की अचानक इस तरह मृत्यु होने से पूरा इलाका स्तब्ध रह गया।
इस घटना की सूचना झुंझुनू में परिजनों को दी गई। सूचना मिलने पर बौखलाए परिजन आज हलैना पहुंचे। परिजनों ने हलैना थाना में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और पूरी घटना की जानकारी ली। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल बेवर में जब शिक्षक की अचानक मौत की सूचना पहुंची तो स्कूल के स्टाफ, विद्यार्थियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस घटना पर दुख जताया है।
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के तानाशाहीपूर्ण रवैये को लेकर राजस्थान के सभी शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक शिक्षक भवन, लाल कोठी स्कीम जयपुर में अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) के प्रदेश अध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल की अध्यक्षता में की गई।
राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के बयाना जिलाध्यक्ष कृष्णसिंह बैसला ने बताया कि बैठक में उपस्थित सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) की ओर से शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर रामगंजमंडी में शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से निकाली गई शिक्षक रैली को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ओर से अपने कार्यकर्ता के मार्फत पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई रिपोर्ट की कड़ी निन्दा करते हुए निन्दा प्रस्ताव पारित किया व एफआइआर वापस लेने की मांग की।