Bharatpur New Road : भरतपुर की जनता को तोहफा। शहर की जनता को अब जाम से राहत मिलेगी। बी-नारायण गेट से मथुरा गेट तक नई सड़क बन रही है। जिसकी लागत करीब 1 करोड़ 69 लाख रुपए है।
Bharatpur New Road : भरतपुर शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात दबाव कम करने और लोगों को सुगम आवागमन उपलब्ध कराने की दिशा में नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बी-नारायण गेट स्थित भरतपुर नर्सिंग होम से सोगरिया मोहल्ला होते हुए मथुरा गेट के पंचमुखी हनुमान मंदिर तक नया मार्ग बनाया जाएगा। करीब 1 करोड़ 69 लाख रुपए की लागत वाली इस परियोजना के लिए नगर निगम ने वर्क ऑर्डर जारी कर दिए है और निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है।
भरतपुर शहर के नगर निगम आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई ने बताया कि प्रस्तावित सड़क 30 फीट चौड़ी होगी, जिसके बीच में चार फीट चौड़ा नाला भी बनाया जाएगा। वर्तमान में यह क्षेत्र कचरे के ढेर और अतिक्रमणों से प्रभावित है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। परियोजना के तहत पहले चरण में नाले का निर्माण शुरू कर दिया है तथा मार्ग को विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
निगम प्रशासन के अनुसार कई अतिक्रमण हटाए जा चुके है, जबकि शेष अतिक्रमणों को चिह्नित कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण हटने के बाद विस्तृत सर्वे कर सड़क निर्माण का कार्य तेज किया जाएगा। इस नए मार्ग के शुरू होने से शहर के प्रमुख बाजारों में लगने वाले यातायात जाम का दबाव कम होगा।
बी-नारायण गेट पहुंचने के लिए लोगों को लंबा चवकर नहीं लगाना पड़ेगा और मुख्य मार्गों का यातायात भी इस वैकल्पिक रास्ते पर डायवर्ट किया जा सकेगा।
इसके अलावा क्षेत्र में वर्षों से बनी गंदगी और जल निकासी की समस्या का भी समाधान होगा। नगर निगम का मानना है कि यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के यातायात प्रबंधन और सौंदर्यीकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगी।
भरतपुर शहर में लगभग 370 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित और निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजनाओं पर समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने अपनी राय रखी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे भरतपुर को सुंदर और भविष्य का शहर बनाना चाहते हैं। हालांकि, सीताराम गुप्ता ने चिंता जताई कि वर्तमान गति से ये परियोजनाएं सरकार के शेष दो साल में पूरी नहीं हो पाएंगी, जिससे मुख्यमंत्री को इसका श्रेय नहीं मिल सकेगा।
सीताराम गुप्ता ने सुझाव दिया कि काली की बगीची से सूरजपोल चौराहे तक प्रस्तावित फ्लाईओवर को निरस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि इसकी उपयोगिता शहर की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है और इसका निर्माण कार्य प्रारंभिक अवस्था में है। इस परियोजना को रोकने से सरकार बड़ी वित्तीय बचत कर सकती है, जिसका उपयोग शहर की सड़कों, जल निकासी, यातायात प्रबंधन, पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं के विकास में किया जा सकेगा। उन्होंने रिंग रोड को 6 लेन में विकसित करने का भी सुझाव दिया।
सीताराम गुप्ता ने कहा कि यदि दोनों फ्लाईओवर निरस्त करना संभव न हो, तो हीरादास से कुम्हेर गेट तक प्रस्तावित फ्लाईओवर को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि उसके लिए सामग्री उपलब्ध है। उन्होंने फ्लाईओवरों के नीचे अतिक्रमण, गंदगी और असामाजिक गतिविधियों जैसी समस्याओं पर भी चिंता जताई और शीघ्र निर्णय करने का आग्रह किया ताकि शहर का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।