
राजस्थान गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बार फिर रफ्तार और मानवीय लापरवाही की घटना सामने आई है। दरअसल, यहां भरतपुर के कस्बा हलैना स्थित स्थानीय पुलिस स्टेशन के ठीक सामने एक निजी स्लीपर कोच बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह बस मध्य प्रदेश के मुरैना से रवाना होकर गुजरात के सूरत की तरफ जा रही थी, जिसमें कुल 50 यात्री सवार थे। बुधवार-गुरुवार दरम्यानी देर रात को हुआ ये हादसा इतना अचानक और जबरदस्त था कि जब तक बस में सवार सो रहे यात्रियों को कुछ समझ आता, तब तक बस हाईवे के किनारे लगी हाई मास्क लाइट के मजबूत पोल से टकराकर पलट गई। हादसे के तुरंत बाद नेशनल हाईवे पर यात्रियों की चीख-पुकार गूंज उठी, जिसे सुनकर हलैना थाने की पुलिस और आसपास के स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ पड़े।
स्थानीय पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस भीषण सड़क हादसे का मुख्य कारण बस के मुख्य चालक को अचानक आई नींद की झपकी माना जा रहा है। देर रात और सुबह के शुरुआती पहर के बीच जब हाईवे पर ट्रैफिक की रफ्तार सामान्य से तेज होती है, ठीक उसी वक्त चालक की आंखों के सामने कुछ सेकंड के लिए अंधेरा छा गया या उसे गहरी झपकी आ गई।
बस की रफ्तार तेज होने के कारण चालक का स्टेयरिंग पर से नियंत्रण पूरी तरह से खो गया। अनियंत्रित स्लीपर कोच बस सीधे डिवाइडर और सड़क के किनारे पर स्थापित हाई मास्क लाइट के बड़े पोल की तरफ तेजी से बढ़ गई। पोल से टकराते ही एक भयानक आवाज हुई और बस का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया, जिसके कारण वह बीच सड़क पर ही पलट गई।
गनीमत यह रही कि बस के पलटते समय पीछे से कोई दूसरा बड़ा भारी वाहन नहीं आ रहा था, नहीं तो यह दुर्घटना जानमाल के नुकसान में बदल सकती थी।
इस पूरे हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि दुर्घटना ठीक हलैना पुलिस स्टेशन के सामने मुख्य सड़क पर घटित हुई। टक्कर की जोरदार आवाज सुनते ही थाने में ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत एक्शन में आ गए और दौड़कर मौके पर पहुंचे। पुलिस के साथ-साथ कस्बे के स्थानीय ग्रामीण और ढाबा संचालक भी लोहे के सरिए और टॉर्च लेकर तुरंत दुर्घटनाग्रस्त बस के पास पहुंच गए।
पुलिस और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए एक-एक करके बस के अंदर फंसे बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को बाहर निकालना शुरू किया।
इस अचानक हुए हादसे में बस के भीतर सो रही कुल 50 सवारियों में से करीब 12 यात्रियों को शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। किसी के सिर में चोट लगी तो किसी के हाथ और पैर में फ्रैक्चर होने की सूचना है। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस और पुलिस की गाड़ियों की मदद से सभी घायल मुसाफिरों को तुरंत पास के हलैना राजकीय अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत इमरजेंसी वार्ड में सभी घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि, प्राथमिक चिकित्सा के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि 12 घायलों में से 3 यात्रियों की अंदरूनी चोटें बहुत गंभीर हैं और उनके शरीर से अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा है। ऐसे में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए हलैना अस्पताल से तुरंत जिला मुख्यालय स्थित भरतपुर आरबीएम अस्पताल के लिए एम्बुलेंस से रेफर कर दिया है।
इस स्लीपर बस में यात्रा कर रहे यात्री मध्य प्रदेश के मुरैना, भिंड और धौलपुर अंचल के रहने वाले थे, जो गुजरात के सूरत शहर में काम करने जा रहे थे। गर्मियों और कामकाजी सीजन के चलते बसों में लंबी दूरी के यात्रियों की भारी भीड़ रहती है।
हादसे की सूचना जैसे ही सोशल मीडिया और स्थानीय पुलिस के माध्यम से घायलों के परिजनों तक पहुंची, मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में हड़कंप मच गया। घायलों के रिश्तेदार और परिजन रात में ही निजी वाहनों से भरतपुर और हलैना अस्पताल के लिए रवाना हो गए।
हलैना पुलिस प्रशासन ने बस में सुरक्षित बचे अन्य यात्रियों के बैठने, पीने के पानी और उन्हें वैकल्पिक वाहनों से उनकी मंजिल यानी सूरत तक भिजवाने की उचित और मानवीय व्यवस्था भी सुनिश्चित की है।