भरतपुर

Bharatpur : भरतपुर में अस्पताल में इंजेक्शन लगाते युवक की मौत, होने वाली थी छुट्टी; बिफरे परिजनों ने लगाया जाम

Bharatpur : भरतपुर शहर के काली की बगीची स्थित राज ट्रॉमा सेंटर एंड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में शुक्रवार को एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगाया। उनका कहना था कि छुट्टी मिलने वाली थी पर इंजेक्शन लगते ही युवक की मौत हो गई।

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भरतपुर. मृतक अजय और शव सड़क पर रखकर विरोध व्यक्त करते परिजन। फोटो पत्रिका

Bharatpur : भरतपुर शहर के काली की बगीची स्थित राज ट्रॉमा सेंटर एंड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में शुक्रवार को एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने आधा घंटे तक हंगामा किया व शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण युवक की मौत हुई है।

मृतक के पिता नरेन्द्र ने बताया कि उनका बेटा अजय निवासी गांव जगरिया धौलपुर के भागीरथ में दुर्घटना में घायल हो गया था। उस को सिर में चोट आई थी। इसके बाद धौलपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उसे हायर सेंटर के लिए रैफर कर दिया गया। अजय को भरतपुर के राज ट्रॉमा हॉस्पिटल में 31 मार्च को भर्ती कराया गया।

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इसके बाद चिकित्सकों ने कहा था कि हालत सही है और आज छुट्टी हो जाएगी, लेकिन अस्पताल की ओर से इंजेक्शन लगने के बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने उन्हें डराकर अजय का ऑपरेशन कर दिया और डेढ़ लाख रुपए मांगे। ऑपरेशन के बाद अजय की हालत खराब हो गई, लेकिन डॉक्टर ने उन्हें आश्वस्त किया कि सब ठीक है, लेकिन आज अजय की मौत हो गई।

जांच के बाद एफआइआर दर्ज की जाएगी : मथुरा गेट थाना प्रभारी

मथुरा गेट थाना प्रभारी हरलाल मीणा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि राज ट्रॉमा अस्पताल के सामने शव को रखकर मृतक के परिजन विरोध कर रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाइश की। बाद में आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। मौत को लेकर राज ट्रॉमा अस्पताल के खिलाफ मृतक के चाचा मनोज की ओर लिखित में शिकायत दी गई है। इसकी जांच के बाद एफआइआर दर्ज की जाएगी।

अस्पताल प्रशासन पर लापरवाहीं का आरोप

हरलाल मीणा ने बताया कि इसमें उन्होंने बताया कि मृतक अजय को जयपुर ले जाने के लिए कह रहे थे, लेकिन चिकित्सकों ने यहां पर ही इलाज करने के लिए कहा था। इनके गलत इन्जेक्शन लगाने से मौत बता रहे हैं। इसमें अस्पताल प्रशासन की ओर से लापरवाहीं का आरोप लगाया गया है।

जान बचाने के काफी प्रयास किए पर नहीं बचा सके

मरीज का ऑपरेशन सफल रहा था। 2 अप्रैल को वार्ड में शिफ्ट करने के बाद उसने परिजनों के साथ खाना भी खाया। शुक्रवार सुबह कुछ खाने के बाद जब सिटी स्कैन करवाकर मरीज को परीजन वार्ड में ले जा रहे थे उसी समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। मरीज की जान बचाने के काफी प्रयास किए लेकिन नहीं बचा सके।
डॉ. प्रतीक बंसल, संचालक, राज न्यूरो ट्रोमा, भरतपुर

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Published on:
04 Apr 2026 09:31 am
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