भरतपुर

भरतपुर जूस कांड: जूस में मांस का टुकड़ा मिलने की अब तक पुष्टि नहीं, 23 जून को महापंचायत की चेतावनी

Bharatpur Juice Kand: भरतपुर के कृष्णा नगर स्थित जूस की दुकान पर जूस में मांस का टुकड़ा मिलने की अफवाह के बाद हुए हंगामे में गिरफ्तार चार आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक जूस में मांस होने की पुष्टि नहीं हुई है।

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Jun 17, 2026
Bharatpur Juice Kand
Bharatpur Juice Kand (Patrika Photo)

Bharatpur Juice Meat Controversy: भरतपुर: कृष्णा नगर स्थित लुपिन चौराहे पर जूस में मांस का टुकड़ा मिलने की अफवाह के बाद हुए हंगामे और मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों को मंगलवार को अदालत से जमानत मिल गई। हालांकि, घटना को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। पुलिस एक ओर मामले की जांच में जुटी है। वहीं, विभिन्न संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।

बता दें कि सोमवार शाम एक जूस की दुकान पर मांस का टुकड़ा मिलने का आरोप लगने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ लोगों ने दुकान संचालक के साथ मारपीट कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और दुकान संचालक को सुरक्षित थाने पहुंचाया।

मामले में पुलिस ने शुभम शर्मा सैंथरा, सचिन सहनावली, साहिल भवनपुरा और अमित शर्मा को गिरफ्तार किया था। मंगलवार को चारों को अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) राहुल सैनी की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। उधर, विवादित जूस के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

पुलिस का कहना है कि अभी तक जूस में मांस होने की पुष्टि नहीं हुई है और वास्तविक स्थिति लैब रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। वहीं, दुकान पर कार्यरत राजू, अफरान अहमद और प्रकाश रमेश को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घायल दुकान संचालक विक्रम सिंह और अमर का आरबीएम अस्पताल में उपचार चल रहा है। जहां सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।

नगर निगम ने हटाए अतिक्रमण

घटना के अगले दिन नगर निगम ने संबंधित दुकान के आसपास किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई भी की। निगम अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित सीमा से अधिक किए गए अस्थायी निर्माण को हटाया गया।

23 जून तक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन

मंगलवार को यातायात चौराहे पर प्रदर्शन कर लोगों ने घटना में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सामाजिक कार्यकर्ता मनुदेव सिनसिनी ने कहा कि यदि दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित को न्याय नहीं मिला तो 23 जून को महाराजा सूरजमल पार्क में महापंचायत आयोजित की जाएगी।

रंगदारी नहीं देने पर हमले का आरोप

घायल दुकानदार विक्रम सिंह ने अस्पताल में दर्ज कराए बयान में आरोप लगाया है कि कुछ लोग पिछले 15 दिनों से उससे 10 हजार रुपए की रंगदारी मांग रहे थे। रंगदारी देने से इनकार करने पर 60-70 लोगों ने दुकान पर हमला कर मारपीट की और गल्ले से नकदी भी ले गए। रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक रतीराम को सौंपी गई है।

Published on:
17 Jun 2026 11:55 am