
भरतपुर. सामान्य बुखार के इलाज के लिए आरबीएम अस्पताल में भर्ती हुई महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि महिला की हालत बिगड़ने के बावजूद उसे समय पर दूसरे अस्पताल के लिए रेफर नहीं किया गया। इसके अलावा अस्पताल में जरूरत के समय रक्त उपलब्ध नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में विरोध जताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की। बाद में वे शव को बिना पोस्टमार्टम के अपने घर ले गए।
मृतका की पहचान हिंगोली निवासी प्रियंका पत्नी बंटी के रूप में हुई है। प्रियंका के भाई प्रवीण ने बताया कि 23 सितंबर को सामान्य बुखार होने के बाद उसे आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती करने के बाद शुरुआत में उपचार चल रहा था, लेकिन समय बीतने के साथ प्रियंका की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
परिजनों का कहना है कि प्रियंका की तबीयत बिगड़ती देखकर उन्होंने चिकित्सकों से उसे किसी दूसरे अस्पताल में रेफर करने का आग्रह किया था। परिवार के लोगों ने कई बार चिकित्सकों से इस संबंध में बात की, लेकिन उनकी मांग पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का आरोप है कि अगर प्रियंका को समय पर दूसरे अस्पताल में रेफर किया जाता तो स्थिति अलग हो सकती थी।
परिजनों ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि प्रियंका को इलाज के दौरान समुचित उपचार नहीं मिल पाया। इसके साथ ही जब रक्त की जरूरत पड़ी तो समय पर रक्त उपलब्ध नहीं हो सका। परिजनों के अनुसार, महिला की हालत लगातार गंभीर होती गई और आखिरकार उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों में शोक फैल गया। परिजनों ने अस्पताल में विरोध जताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद परिवार के लोग शव को बिना पोस्टमार्टम के अपने घर ले गए।
प्रियंका के पति बंटी मजदूरी करते हैं। परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही प्रियंका की मौत के बाद घर में दुख का माहौल है। प्रियंका के दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र महज चार और पांच वर्ष बताई गई है। मां की मौत से दोनों बच्चों के सिर से ममता का साया उठ गया।