
Bharatpur Road Accident : भरतपुर के बयाना में यह महज एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक ऐसी विडंबना है जिसने एक परिवार का सहारा छीन लिया। 55 वर्षीय दशरथ उर्फ कल्ला गुर्जर रोज की तरह रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थित डेयरी चिलिंग प्लांट में मजदूरी करने पहुंचे थे। जिस डेयरी से उनके घर का चूल्हा जलता था, उसी प्लांट के लिए दूध लेकर आने वाली पिकअप वाहन उसकी मौत का कारण बन गई।
मंगलवार शाम दशरथ फैक्टरी परिसर से बाहर निकले ही था कि दूध परिवहन में लगी एक पिकअप ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। गंभीर रूप से घायल दशरथ को पहले बयाना अस्पताल और बाद में भरतपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजन शव को लेकर वापस डेयरी प्लांट पहुंचे और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि दशरथ परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे और उनकी मौत से परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
घटना की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीराम कुमावत और कोतवाली थाना प्रभारी रामगिलास गुर्जर मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और डेयरी प्रबंधन से अलग-अलग वार्ता की। करीब 5 घंटे तक चले गतिरोध के बाद पुलिस ने दुर्घटना में शामिल चालक और वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने पिकअप वाहन जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है तथा दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
बयाना के रुदावल थाना क्षेत्र के महमदपुरा गांव में बुधवार सुबह खेत पर काम कर रहे एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने आशंका जताई है कि खेत में करौंदे तोड़ते समय किसी जहरीले कीड़े या जीव के काटने से किसान की तबीयत बिगड़ गई, जिससे उसकी जान चली गई।
महमदपुरा निवासी 45 वर्षीय रविन्द्र उर्फ बबुआ पुत्र सीताराम गुर्जर बुधवार सुबह अपने बगीचे वाले खेत पर गया था। बताया गया है कि बाजरे की बुवाई का कार्य करने के बाद वह करौंदे तोड़ रहा था। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह खेत में ही अचेत होकर गिर पड़ा। कुछ देर बाद खेत की ओर पहुंचे उसके भतीजे मुकेश गुर्जर ने रविन्द्र को बेहोशी की हालत में पड़ा देखा। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल उपचार के लिए बयाना के उप जिला अस्पताल लेकर आए।