
Jaipur Nindar Mod Road Accident : सड़क हादसे में जान गंवाने वाली मां संगीता और बेटा कृष। फाइल फोटो पत्रिका
Jaipur Road Accident : जयपुर नींदड़ मोड़ पर मंगलवार सुबह हुए दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में मां-बेटे की मौत के बाद पुलिस ने जहां जांच की कमान संभाल ली, वहीं सड़क सुरक्षा का सबसे अहम जिम्मेदार परिवहन विभाग पूरे घटनाक्रम से लगभग गायब नजर आया। जिस आरटीओ द्वितीय के क्षेत्र में हादसा हुआ, वहां से न तो कोई तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और न ही दुर्घटना के कारणों की पड़ताल शुरू हुई। सवाल यह है कि अगर परिवहन विभाग हादसे की तकनीकी जांच ही नहीं करेगा तो फिर सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन निभाएगा? परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी गंभीर सड़क हादसे के बाद वाहन की तकनीकी स्थिति, फिटनेस, चालक के लाइसेंस, परमिट और दुर्घटना के कारणों की अलग से जांच की जानी चाहिए।
जरूरत पड़ने पर कर विशेषज्ञों की तकनीकी टीम गठित रिपोर्ट तैयार की जाती है। लेकिन इस मामले में जयपुर आरटीओ द्वितीय ने केवल निरीक्षक श्रीचंद ढाका को जांच देकर खानापूर्ति कर ली। बुधवार को सरकारी अवकाश होने के कारण टीम दूसरे दिन तक भी घटनास्थल नहीं पहुंचे। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां प्रशासनिक स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगे तो हैं, लेकिन बंद पड़े है। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने अब कैमरे लगाने और सिग्नल ठीक करने के निर्देश दिए हैं।
नींबड़ मोड़ पर ट्रेलर की टक्कर से बाइक सवार मां-बेटे की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने फरार चालक की तलाश तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार ट्रेलर चालक रघुनन्दन, भीलवाड़ा का रहने वाला है। हादसे के समय वह चौमू से सीमेंट लेकर जयपुर की ओर आ रहा था। नींदड़ मोड़ पर तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक को टक्कर मार दी।
जिला प्रशासन ने मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मृतक के परिवारजनों को 10 लाख रुपए तक मुआवजा राशि दी जाएगी।
राजावास. कल तक जो मां अपने बेटे की खुशहाली के सपने संजो रही थी, जिस लाल को अंगुली पकड़कर चलना सिखाया था… बुधवार को उसी के साथ अंतिम यात्रा पर चल दी। जयपुर सीकर हाईवे पर हरमाड़ा थाना क्षेत्र के नींदड़ मोड़ कट पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाली मां संगीता और बेटे कृष का बुधवार शाम उनके पैतृक गांव उदयपुरवाटी में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।
उदयपुरवाटी में बुधवार शाम एक ही चिता पर मां संगीता और बेटे कृष का अंतिम संस्कार किया गया। यह दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। मृतका संगीता झुंझुनूं की रहने वाली थीं और जयपुर के मनसा माता नगर, हरमाड़ा में अपने बेटे कृष उर्फ सूर्यप्रताप सिंह के साथ किराए के मकान में रहती थीं। पति विजय सिंह बेंगलूरु में नौकरी करते हैं।
Published on:
18 Jun 2026 07:08 am
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