
Bharatpur News: भरतपुर। जिले के चिकसाना थाना क्षेत्र के गांव नगला भवरा में 10वीं कक्षा के एक 15 वर्षीय छात्र ने आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों की लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर छात्र ने यह आत्मघाती कदम उठाया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना पर चिकसाना थाना पुलिस आरबीएम अस्पताल पहुंची और शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
मृतक के पिता का आरोप है कि गांव के बनय सिंह, पूरन सिंह, राजेंद्र सिंह और विजेंद्र सिंह से उनका पुराना विवाद चल रहा है। पूर्व में उनके परिवार के एक बच्चे की मौत हो गई थी, जिसका झूठा आरोप हमारे परिवार पर लगाया गया था और मामला अदालत में लंबित है। इसी रंजिश के चलते आरोपी उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। आरोपियों ने पहले उनकी बेटी और फिर बेटे रवि को निशाना बनाना शुरू किया, जिससे रवि काफी समय से गहरे मानसिक तनाव में था।
मृतक के पिता मुकेश कुमार ने रुंधे गले से बताया कि उनका बेटा रवि सोमवार दोपहर स्कूल से पढ़कर घर लौटा था। रास्ते में गांव के कुछ लोगों ने उसे फिर से धमकाया। परिवार में कोई झगड़ा न हो, इसलिए मासूम बेटे ने परिजनों को इस बात की भनक तक नहीं लगने दी। शाम करीब 7 बजे जब काफी देर तक रवि कमरे से बाहर नहीं आया, तो परिजन अंदर पहुंचे। वहां रवि फंदे से लटका हुआ था। उसे नीचे उतारकर आरबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी के बाहर जब 15 साल के रवि का शव परिजनों को सौंपा जा रहा था, तो पिता मुकेश कुमार के सब्र का बांध टूट गया। रोते-बिलखते पिता ने थाना प्रभारी के सामने हाथ जोड़कर न्याय की भीख मांगी। मुकेश ने कहा-'साहब! मेरे मासूम को इंसाफ दिला दो'
घटना की सूचना पर चिकसाना थाना पुलिस आरबीएम अस्पताल पहुंची और शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। चिकसाना थाना प्रभारी बृजेश कुमार मीणा ने बताया कि पीड़ित पिता की शिकायत के आधार पर मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।