
प्रतीकात्मक तस्वीर
भरतपुर . नगर निगम चुनाव में जीत के दावे कर रही भाजपा के सामने अब अपनों की बगावत बड़ी चुनौती बनती जा रही है। टिकट वितरण के बाद शुरू हुआ असंतोष अब मंडल अध्यक्षों से लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष तक पहुंच गया है। पार्टी के पदाधिकारी रहे कई नेता भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय मैदान में उतर चुके हैं। वहीं दो मंडल अध्यक्षों को नोटिस दिए जाने के बाद पार्टी के भीतर आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।
भाजपा की मुश्किल इसलिए भी बढ़ी है कि बागियों में पार्टी के संगठन से जुड़े चेहरे शामिल हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष कपिल फौजदार पार्टी से बगावत कर चुनावी मैदान में हैं। खास बात यह है कि फौजदार के परिवार से तीन परिजन चुनाव लड़ रहे हैं और तीनों निर्दलीय प्रत्याशी हैं। हालांकि पार्टी की ओर से फौजदार या उनके परिजनों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं
दो मंडल अध्यक्षों को नोटिस दिए जाने के बाद संगठन की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। संबंधित पदाधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक लिखित रूप से नोटिस नहीं मिला है। उनका आरोप है कि पार्टी ने जमीन से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर धन बल रखने वालों को प्राथमिकता दी। उनका कहना है कि ऐसे हालात में पार्टी में रहने का औचित्य ही क्या है। बागी नेताओं ने चेताया है कि इसका चुनाव में पार्टी को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। ऐसे में चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष से ज्यादा 'घर के असंतोष को संभालने और बागियों के असर को सीमित करने' की है।
जो भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता बगावत कर चुनाव लड़ रहे हैं, उनकी सूची प्रदेश से मांग ली है। हमने सूची उपलब्ध करा दी है। ऐसे सात-आठ लोग हैं। ऐसे लोगों को दायित्व से मुक्त कर नए लोगों को जिम्मेदारी दी जा रही है।
शिवानी दायमा, जिलाध्यक्ष भाजपा
मंडल अध्यक्ष रहे चन्द्रवीर जघीना और संजीव शर्मा भी भाजपा प्रत्याशियों के सामने चुनाव लड़ रहे हैं। इनके अलावा शहर मंडल मोर्चे की अध्यक्ष रहीं वीरमति, पूर्व उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह, दीनदयाल उपाध्याय के मंडल महामंत्री रहे चन्द्रशेखर कटारा, दीनदयाल मंडल के उपाध्यक्ष रहे राकेश सोगरवाल एवं गोपाल कश्यप तथा मंडल में मंत्री रहे कपिल बंसल भी निर्दलीय मैदान में ताल ठोक चुके हैं। कपिल फौजदार नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रहने के साथ शहर मंडल में महामंत्री भी रह चुके हैं।
Updated on:
06 Sept 2026 01:51 pm
Published on:
06 Sept 2026 01:51 pm
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