भरतपुर

Bharatpur : परिवहन विभाग की पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश, बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

Bharatpur : भरतपुर. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों और ईधन बिक्री केंद्रों को ईंधन भरने से पहले वाहनों के वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की अनिवार्य रूप से जांच करने के निर्देश दिए है।
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Updated: 30 Oct 2026, 5:37 PM IST
bharatpur transport department strict instructions petrol pump operators
Bharatpur : कार्रवाई करने पहुंची संयुक्त टीम : फोटो पत्रिका

Bharatpur : भरतपुर. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों और ईधन बिक्री केंद्रों को ईंधन भरने से पहले वाहनों के वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की अनिवार्य रूप से जांच करने के निर्देश दिए है। एनसीआर के सभी जिलों में प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं, तो ईंधन नहीं व्यवस्था लागू हो चुकी है। निर्देशों के तहत पेट्रोल, डीजल और सीएनजी बिक्री केंद्रों पर ऐसे वाहनों को ईधन नहीं दिया जाएगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं है। पेट्रोल पंपों पर लगाई जा रही स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रणाली के माध्यम से वाहन के पंजीकरण नंबर का ऑनलाइन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र संबंधी अभिलेख से मिलान कर प्रमाणपत्र की वैधता की जांच की जाएगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी जिलों में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली की स्थापना और संचालन पूरी तरह शुरू होने तक पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए है कि उनके कर्मचारी प्रत्येक वाहन में ईंधन भरने से पहले उसके प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की वैधता की मैनुअल रूप से जांच करें।

पांच पंपों का निरीक्षण, 41 चालान

पुलिस, रसद विभाग एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 41 चालान किए। भरतपुर के अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अभय मुदगल ने बताया कि पेट्रोल पंपों की ओर से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र वाले कुल 60 वाहनों को चिह्नित किया गया, जिनमें से 44 वाहनों को ईंधन देने से मना कर दिया गया। टीम ने शहर के कुल 5 पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। इनमें एलोरा सर्विस स्टेशन, भारद्वाज फिलिंग स्टेशन, आशय द फ्यूल सॉल्यूशन्स एवं तिवारी पेट्रोल पंप सहित अन्य पेट्रोल पंप शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान संबंधित पेट्रोल पंपों पर 'प्रदूषण प्रमाण-पत्र नहीं तो ईंधन नहीं' संदेश वाले बैनर लगे पाए गए।

10 हजार रुपए तक देना पड़ सकता है जुर्माना

संयुक्त टीम ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए कि किसी भी वाहन को वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र के बिना ईंधन नहीं दिया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि चिकित्सा सहित अन्य निर्धारित आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर, यदि कोई पेट्रोल पंप बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र वाले वाहन को ईंधन देता पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाने पहुंचे वाहन चालकों एवं ग्राहकों को वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र रखने की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई। ई-चालान एवं दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र सुनिश्चित करें। वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना वाहन चलाने या संचालित करने पर लागू मोटर वाहन नियमों के तहत 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

Updated on:
30 Oct 2026, 5:37 PM IST
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